Republic Day Speech in Hindi: गणतंत्र दिवस पर सबसे सरल व दमदार भाषण, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठेगा सभागार

  • Authored by: आदित्य सिंह
  • Updated Jan 26, 2023, 08:18 AM IST

Republic Day Speech in Hindi 2023 For kids, Students, Teachers (गणतंत्र दिवस पर भाषण 2023): गणतंत्र दिवस पर हम आपके लिए सबसे सरल व दमदार भाषण लेकर आए हैं। इस तरह आप मंच का संचालन कर व भाषण देकर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना सकते हैं। यकीन मानिए तालियों की गड़गड़ाहट मंच पर उपस्थित अतिथिगण व शिक्षकों को कुर्सी से खड़े होकर आपकी तारीफ करने के लिए प्रेरित कर देगी और सभी भारत माता की जयकार के नारे लगाएंगे।

Republic Day Speech in Hindi 2023 For kids, Students, Teachers (गणतंत्र दिवस पर भाषण 2023): जब हमारे पड़ोसी चॉक से डायग्राम बनाना सीख रहे थे, तो हम चांद की मिट्टी चूम आए, वहीं जब दुनिया मिशन मास पर करोड़ो डॉलर फूंक रही थी तो हम मुट्ठीभर पैसों में मंगल घूमकर लौट आए। मनोज मुंतशिर जी की ये पंक्तियां हम भारतीयों पर सटीक (Republic Day Speech in Hindi 2023) बैठती हैं। हमारा एक कोहिनूर अंग्रेज लूट ले गए तो क्या हुआ अभी यहां 135 करोड़ कोहिनूर बाकी हैं। ये कोहिनूर धरती तोड़कर निकलेंगे और भारत माता की शान को पूरी दुनिया में लहराएंगे। पूरा देश 74वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2023) मनाने की तैयारी कर रहा है। यही वह दिन है जब देश को एकता, संप्रभुता व समानता की डोर में बांधने के लिए देश में संविधान लागू किया गया था। यह दिन हर भारतीय के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है।

Republic Day Speech In Hindi

गणतंत्र दिवस पर सरल, दमदार व सबसे छोटा भाषण

भारत 15 अगस्त 1947 को आजादी की बेड़ियों से मुक्त हो गया था, लेकिन आजादी के बाद देश के सामने शासन व्यवस्था के संचालन को लेकर सबसे बड़ा सवाल था। इसे ध्यान में रखते हुए जुलाई 1947 को संविधान सभा का गठन (Republic Day Speech For Kids) किया गया। संविधान सभा के कुल सदस्यों की संख्या 389 थी, जिसमें 292 ब्रिटिश प्रांतो के प्रतिनिधि, 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्र के प्रतिनिथि और 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि शामिल थे। आपको बता दें भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा था। भारतीय संविधान सभी देशों का मिश्रित (Republic Day Speech For Students) संविधान है। 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर करने के बाद 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी के साथ देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसे लागू किया था। तथा भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया।

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