Republic Day Speech 2023 In Hindi: 26 जनवरी को पूरे देश में गणतंत्र दिवस की धूम देखने को मिलती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता, अखंडता और सैन्य ताकत की झलक दिखाई देती है। सेना का शौर्य और पराक्रम देख दुश्मन दहल (Republic Day Speech 2023) जाते हैं। आसमान में भारत के वायु सेना की गर्जना देख पड़ोसी देश सहम जाते हैं। प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व का दिन होता है। 26 जनवरी 1950 को संपूर्ण देश में संविधान लागू किया (Republic Day Speech 2023 In Hindi) गया था। भारतीय संविधान 135 करोड़ लोगों का अभिमान है। भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा व लिखित संविधान है। भारतीय संविधान कुल 2 साल 11 महीने 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था।
गणतंत्र दिवस पर सबसे सरल व आसान भाषण
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाता है। ध्वजारोहण कार्यक्रम के साथ तिरंगे को 21 तोपों की सलामी दी जाती है। तथा सैन्य ताकतों का प्रदर्शन होता है और सैनिकों को अशोक चक्र व कीर्ति चक्र से नवाजा (Republic Day Speech 2023 For Students) जाता है। साथ ही इस दिन झांकियां निकाली जाी हैं, जिसमें तीनों सेनाएं जल सेना, थल सेना और वायु सेना शामिल (Republic Day Speech 2023 10 Lines) होते हैं।
इस मौके पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही गणतंत्र दिवस के इतिहास व महत्व को बताने के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए गणतंत्र दिवस के मौके पर सबसे छोटा व सरल भाषण लेकर आए हैं। इस तरह आप स्पीच देकर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना सकते हैं।
गणतंत्र दिवस पर सबसे छोटा व सरल भाषण
आदरणीय प्राधानाचार्य महोदय, उप प्रधानाचार्य, शिक्षकगण व मेरे प्यारे साथियों सर्वप्रथम आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज पूरे देश में गणतंत्र दिवस की धूम देखने को मिल रही है। आसमान में वायु सेना की गर्जना को देख पड़ोसी देश सदमे में है। आज का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का दिन है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान को आत्मसात किया गया, इसके तहत भारतो को एक लोकतांत्रिक संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया।
इसके बाद से प्रत्येक वर्ष को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूपमें मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ भारत को लोकतांत्रिक देश घोषित किया था। गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हैं, वहीं राज्य की राजधानी में राज्यपाल तिरंगे को सलामी के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। यही वह दिन है जब भारत को एकता, संप्रभुता व अखंडता की डोर में बांधने के लिए संविधान लागू किया था।
ध्यान रहे अपनी स्पीच के दौरान गणतंत्र दिवस पर स्वतंत्रता दिवस के बीच के अंतर का जिक्र करना ना भूलें।
गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस में अंतर
अक्सर लोग गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। बता दें 15 अगस्त 1947 को हिंदुस्तान अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त हुआ था। इसे स्वतंत्रता दिवसके रूप में मनाया जाता है। इस दिन लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री तिरंगे को सलामी देने के साथ ध्वजारोहण करते हैं। वहीं 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में संविधान लागू किया गया था। संविधान लागू होने के बाद भारत के संप्रभु राष्ट्र बन गया। इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्रपति तिरंगे को सलामी देने के साथ ध्वजारोहण करते हैं। संविधान के मुताबि देश का संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति होते हैं।
