Rana Sanga Jayanti 2025 Speech in Hindi Rana Sanga Jayanti Bhashan: महापराक्रमी योद्धा, अप्रतिम साहस और शौर्य की प्रतिमूर्ति, धर्म और राष्ट रक्षा के लिए बलिदान हो जाने वाले महान योद्धा राणा सांगा जी की आज हम जयंती मना रहे हैं। महाराणा संग्राम सिंह, जिन्हें हम राणा सांगा के नाम से जानते हैं, वो ऐसे परमवीर थे जिनकी बहादुरी के किस्से भारत के बाहर भी गाए जाते हैं। राणा सांगा जी का नाम भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। राणा सांगा जी कुशल रणनीति और युद्ध कौशल के ऐसे महारथी थे जिनके सम्मान में भारत माता के एक एक बेटे का सिर झुकता है।
Rana Sanga Jayanti 2025 Speech Bhashan
Who Was Rana Sanga : राणा सांगा कौन थे
राणा साँगा जी का का पूरा जीवन राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिये समर्पित रहा। 1509 में चित्तौड़ की गद्दी संभालने के साथ ही उन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों का वीरता से सामना किया। उन्होंने अपनी रणनीति और युद्ध कौशल से आक्रमणकारियों द्वारा छल बल से स्थापित की गई सत्ता को उखाड़ फेकने का अभियान आरंभ किया। उन्होंने अपने जीवनकाल में सौ से अधिक युद्ध लडे और जीते।
Rana Sanga Jayanti Bhashan: राणा सांगा जयंती भाषण
उन्होंने दिल्ली, मालवा और गुजरात के सुल्तानों को पराजित किया। उनका शासन वर्तमान राजस्थान , मध्य प्रदेश और गुजरात के उत्तरी भाग तक विस्तारित था। उन्होंने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, अमरकोट व सिंध के कुछ हिस्सों पर भी विजय प्राप्त की और दिल्ली सुल्तान लोधी से छीनकर आगरा में अपनी सैन्य छावनी स्थापित कर की। उन्होंने समस्त राजपूत शक्तियों को एकजुट किया। कहते हैं कि उनकी लंबाई लगभग 7 फुट थी।
Rana Sanga Jayanti Speech: राणा सांगा जयंती भाषण
राणा सांगी जी ने बाहुबल के ऐसे प्रतीक थे जिन्होंने एक युद्ध तो ऐसा जीता, जिसमें गुजरात, दिल्ली और मालवा के सुल्तानों ने एक संयुक्त मोर्चा बना कर तीन तरफ से चित्तौड़ पर धावा बोला लेकिन राणा सांगा जी ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए तीनों को पराजित किया। सिकंदर लोदी के उत्तराधिकारी इब्राहिम लोदी ने 1517 में मेवाड़ पर जब धावा बोला तो कोटा के खतोली में युद्ध के बाद महाराणा सांगा ने विजयश्री हासिल की। जब बाबर ने आक्रमण किया तो उसे भी मुंह की खानी पडी। बाबर ने उन्हें हराने के लिए षडयंत्र रचे, छल किया लेकिन जब 80 घाव लगने के बाद, एक आंख, एक पैर और एक हाथ गंवाने के बाद भी राणा सांगा जी ने हार नहीं मानी तो उन्हें विष दिलवाया गया। उनके विषय में कहा जाता है- 80 घाव लगे थे तन में, फिर भी व्यथा नहीं थी मन में... ऐसे वीर थे राणा सांगा।
Rana Sanga Jayanti: राणा सांगा जयंती
आपको जानकर गर्व होगा...., भीलवाड़ा के मांडलगढ़ में जब राणा सांगी जी युद्ध कर रहे थे तो उनका सिर अलग हो गया था तब घोड़े पर सवार उनका धड़ लड़ता रहा। ऐसे महान विजेता, “हिन्दूपति” के नाम से विख्यात राणा सांगा हजारों वर्षों में एक बार जन्म लेते हैं। एक महान योद्धा जिन्होंने 80 से अधिक घाव लगने के बावजूद युद्धक्षेत्र नहीं छोड़ा था, भारत के परमवीर थे राणा सांगा।
Rana Sanga Jayanti 2025 Quotes: राणा सांगा जयंती कोट्स
1. महान योद्धा राणा सांगा की जयंती पर उनके शौर्य और बलिदान को शत-शत नमन।
2. राणा सांगा का अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनकी अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। जयंती की शुभकामनाएं!
3. हिन्दू साम्राज्य की रक्षा करने वाले महान योद्धा, पराक्रमी सम्राट राणा सांगा जी की जयंती पर नमन।
4. वीर शिरोमणि राणा सांगा की जयंती पर उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। जय मेवाड़!
5. मातृभूमि के वीर सपूत, राणा सांगा की जयंती पर उनके आदर्शों को याद करते हुए।
