प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों से ऑनलाइन क्लास शुरू करने की अपील की है। वडोदरा में सरदारधाम हॉस्टल कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने भविष्य की आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए संसाधनों के संरक्षण और डिजिटल माध्यमों को अपनाने पर जोर दिया। जिस प्रकार Covid-19 महामारी के दौरान देशभर के स्कूलों और कॉलेज ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की थी उसी प्रकार से अभी की स्थिति को देखते हुए ऑनलाइन शिक्षा पर एक बार फिर जोर दिया जा रहा है।
PM Modi की स्कूल संचालकों से बड़ी अपील
शिक्षण संस्थानों से ऑनलाइन क्लास शुरू करने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाएं (Schools Online Classes) शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षण संस्थान उसी मॉडल को अपनाएं, जैसा कोविड-19 महामारी के दौरान देशभर के स्कूलों और कॉलेजों ने सफलतापूर्वक लागू किया गया था। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखना और साथ ही संसाधनों के अनावश्यक खर्च को कम करना है।
वैश्विक तनाव और आर्थिक स्थिरता पर जोर
पीएम मोदी का यह बयान ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर उपजे आर्थिक संकट के बीच आया है। पश्चिमी एशिया में चल रहे इस संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की है:-
- विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए फिजूलखर्ची से बचें।
- सोने की खरीदारी को फिलहाल टाल दें।
- विदेशी यात्राओं और ईंधन (Fuel) की खपत में कटौती करें।
- जितना संभव हो, 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की पद्धति अपनाएं।
सरदारधाम हॉस्टल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन
PM Modi ने वडोदरा में आधुनिक सुविधाओं से लैस सरदारधाम हॉस्टल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस नए कॉम्प्लेक्स में 2,000 छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। यहां लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और ऑडिटोरियम जैसी बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगी।
ग्लोबल सप्लाई चेन और भविष्य की चुनौतियां
हैदराबाद में एक रैली के दौरान भी पीएम मोदी ने आगाह किया था कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर भारी दबाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्तावों को खारिज किए जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारत को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी।
