NEET UG Re exam nationwide mock drills: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG री-एग्जाम के आयोजन से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), शिक्षा मंत्रालय और राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले देशभर में परीक्षा केंद्रों पर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल और रिहर्सल की जा रही है, ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने न आए।
नीट यूजी मॉक ड्रिल और रिहर्सल
अधिकारियों के अनुसार, 551 शहरों में बनाए गए 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी और कंट्रोल रूम के साथ समन्वय की जांच की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान अभ्यर्थियों की एंट्री प्रक्रिया, पहचान सत्यापन, प्रश्न पत्र वितरण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए सेंटर सुपरिंटेंडेंट, ऑब्जर्वर, इनविजिलेटर और सुरक्षा कर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान CCTV कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग, जैमर सिस्टम और बायोमेट्रिक उपकरणों की कार्यक्षमता की भी जांच की जा रही है। कई केंद्रों पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG के री-एग्जाम की तैयारी पूरी हो चुकी है। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा में... करीब 22 लाख 80 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान है। इस परीक्षा के आयोजन के लिए कुल 551 शहरों में 5,400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले 3 मई 2026 को यह परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन पेपर लीक की घटनाओं के बाद इसे रद्द कर दिया गया था।इसके बाद सरकार, शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया था।
अधिकारियों का कहना है कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें परीक्षा से पहले दूर करना है। सरकार और NTA की कोशिश है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो तथा छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हो सके। शिक्षा मंत्रालय के साथ साथ रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, रेलवे सहित सभी राज्य सरकारें इस परीक्षा के आयोजन में जुटी हैं। अब जिम्मेदारी छात्रों की है कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करें, समय से परीक्षा केंद्र पहुंचें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
