देश में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच केंद्र सरकार ने नीट यूजी (NEET UG 2026) री-एग्जाम को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 21 जून 2026 को होने वाली इस बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों तथा प्रशासकों को एक आधिकारिक पत्र लिखकर विशेष सहयोग की अपील की है।
NEET (Photo - AI)
21 जून को परीक्षा को लेकर शिक्षा मंत्री ने राज्यों से मांगा सहयोग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 21 जून 2026 को होने वाले नीट यूजी री-एग्जाम (NEET) में लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है। इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करना केंद्र और राज्य सरकारों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे स्थानीय स्तर पर परीक्षा को सफल बनाने में पूरा प्रशासनिक सहयोग प्रदान करें।
हीटवेव के चलते छात्रों का स्वास्थ्य और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
देश के कई हिस्सों में इस समय पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है और भीषण लू चल रही है। शिक्षा मंत्री ने पत्र में खास तौर पर इन विपरीत मौसमी परिस्थितियों का उल्लेख किया है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य और उनकी सुविधा सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।
परीक्षा केंद्रों के लिए जारी हुए विशेष बुनियादी निर्देश
धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे अपने-अपने राज्यों के जिला प्रशासन, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और परीक्षा केंद्रों को कड़े निर्देश जारी करें। सभी सेंटर्स पर निम्नलिखित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए:
• ठंडा और सुरक्षित पीने का पानी
• पर्याप्त बैठने की व्यवस्था
• पंखे और कूलर
• साफ-सुथरे वॉशरूम
• छायादार वेटिंग एरिया
• निर्बाध बिजली सप्लाई
• जरूरत पड़ने पर पोर्टेबल टॉयलेट
सुचारु परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील
गर्मी के मौसम में छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री ने राज्यों से पर्याप्त परिवहन साधन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। परीक्षा के दिन बस और स्थानीय यातायात की सुगम व्यवस्था होने से छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे।
