Nagpur School Closed: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में सूरज की तपिश अब जानलेवा लगने लगी है। भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने बच्चों और युवाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए एक आदेश जारी किया है। नागपुर के जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 18 अप्रैल, शनिवार को जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी और कोचिंग सेंटर पूरी तरह बंद रहेंगे। जिला प्रशासन ने यह निर्णय मौसम विभाग द्वारा जारी की गई गंभीर चेतावनी के बाद लिया है।
Nagpur School Closed
नागपुर में 43 डिग्री के पार पहुंचा पारा
नागपुर में पिछले कुछ दिनों सूरज आग उगल रहा है। यहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया जा रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गर्मी में बाहर निकलना तो दूर की बात है घरों में चल रहे एसी भी उतने असरदार महसूस नहीं हो रहे हैं, लेकिन फिर भी तपती धूप से कुछ राहत बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो से तीन दिनों तक स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। लू के थपेड़ों और चिलचिलाती धूप को देखते हुए नागपुर में 'हीट वेव' का रेड अलर्ट (Nagpur Heatwave Red Alert) जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर के समय घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए आवश्यकता न होने पर बाहर निकलने से बचे।
छात्रों की सुरक्षा को दी प्राथमिकता
जिला कलेक्टर ने मौसम की स्थिति को देखते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि गर्मी के इस जानलेवा प्रभाव से बचाने के लिए केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि सभी निजी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर भी शनिवार (18 अप्रैल 2026) को बंद रहेंगे। छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ियों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि दोपहर की गर्मी में छात्रों का स्कूल से घर लौटना उन्हें 'सन स्ट्रोक' या डिहाइड्रेशन का शिकार बना सकता है। टीचर और स्कूल मैनेजमेंट को निर्देश हैं कि वह इस आदेश का सख्ती से पालन करें।
प्रशासन की आम जनता से अपील
स्कूल बंद करने के साथ-साथ प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलें। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और अपने पास ओआरएस (ORS) या ग्लूकोज रखें। यदि बाहर निकलना बहुत जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें और छाते का उपयोग करें।
