उत्तराखंड में खत्म हुआ मदरसा बोर्ड, आज से बदली अल्पसंख्यक शिक्षा की पूरी व्यवस्था, लागू हुआ नया प्राधिकरण

उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 1 जुलाई से लागू हो गया है। इसके साथ ही राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दी गई है।

उत्तराखंड सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने प्रदेश में अभी तक काम कर रहे मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर इसकी जानाकरी दी। सीएम ने पोस्ट में लिखा की प्रदेश में अब "उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम" को पूरी तरह प्रभावी कर दिया गया है। इस नए कानून के लागू होने के साथ ही वर्षों से चले आ रहे 'मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम' और 'गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम' को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त (Photo - Facebook)

समान और पारदर्शी मान्यता प्रणाली

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के भीतर एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था खड़ी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो आधुनिक होने के साथ-साथ पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेह हो। उन्होंने बताया कि नया "अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम" लागू होने से राज्य के सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए एक समान और स्पष्ट मान्यता प्रणाली सुनिश्चित होगी। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और शिक्षा के स्तर में भी सुधार होगा।

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