Leh School Closed News in Hindi: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह शहर में बुधवार (24 सितंबर, 2025) को कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की आशंका है। चीन की सीमा से लगे इस क्षेत्र को राज्य का दर्जा और जनजातीय दर्जा देने की संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है, जिसे देखते हुए यह आदेश आज शाम जारी किया गया कि लेह जिले के सभी सरकारी/निजी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य शैक्षणिक संस्थान 26/09/2025 से दो दिनों के लिए बंद रहेंगे।
लेह में दो दिन के लिए बंद हुए सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य शैक्षणिक संस्थान
मुख्य शिक्षा अधिकारी लेह, सभी कॉलेज प्रधानाचार्य और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक अनियंत्रित भीड़ ने सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया और पुलिस पर हमला किया, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी, जिसमें "दुर्भाग्य से कुछ लोगों के हताहत होने की सूचना है"।
नोटिस
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एक टेलीविजन संबोधन में मौतों की पुष्टि की, लेकिन संख्या नहीं बताई। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि हिंसा सुबह 11.30 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक स्थिति पर काबू पा लिया गया। हड़ताल का आह्वान इसलिए किया गया क्योंकि राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांगें पूरी नहीं हुई थीं और मंत्रालय के साथ लंबे समय से बातचीत नहीं हुई थी।
भाषा एजेंसी पर मौजूद जानकारी के अनुसार, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने लद्दाख के लेह शहर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़पों की निष्पक्ष जांच की बृहस्पतिवार को मांग की और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से लोगों को निशाना बनाने एवं उनका उत्पीड़न बंद करने को कहा। केडीए ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी बचाव किया, जिन्हें सरकार ने "भड़काऊ बयान" देने के लिए दोषी ठहराया है। संगठन ने हिंसा में मारे गए चार प्रदर्शनकारियों के परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उन्हें ‘‘लद्दाख के नायक" बताया।
एजेंसी पर मौजूद एक अन्य जानकारी के अनुसार, लद्दाख के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बृहस्पतिवार को कांग्रेस के बचाव में सामने आए तथा दावा किया कि अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को दोष देना भाजपा की आदत है और लेह में हुई हिंसा का मामला भी इससे अलग नहीं है। बुधवार को लद्दाख में भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक अन्य घायल हो गए। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार के आंदोलन का समर्थन करने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने लेह में भाजपा कार्यालय और कई वाहनों को आग लगा दी।
