Jharkhand Student Protest News: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए 18 अगस्त की रात बड़ा फैसला सामने आया। राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के बीच 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा छह परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। इस फैसले का असर JSSC-CGL समेत कई भर्ती प्रक्रियाओं पर पड़ा है। सरकार ने 2014 से अब तक हुई 17 परीक्षाओं, उनके परिणाम और नियुक्तियों की जांच CID से कराने का भी फैसला लिया है। यानी मामला सिर्फ परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरानी भर्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा एक्शन, 22 परीक्षाएं रद्द
JSSC-CGL रद्द होने से चयनित अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता
ये कोई छोटा मामला नहीं रहा, JSSC-CGL परीक्षा में सफल होकर नौकरी पा चुके या नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के सामने भी अब अनिश्चितता पैदा हो गई है। करीब 2,000 चयनित उम्मीदवार इस फैसले से सीधे प्रभावित हो सकते हैं। कई नियुक्त अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध भी जताया है। खास बात यह है कि रद्द की गई परीक्षाओं में अलग-अलग विभागों की भर्तियां शामिल हैं। इसलिए इसका प्रभाव बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
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नौकरी पर क्या असर होगा?
इस पूरे मामले में कुछ ऐसी भर्तियां भी जांच के दायरे में हैं, जिनसे अधिकारी स्तर के पदों पर नियुक्तियां हुई हैं। मीडिया रिपोर्टों में 2,628 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियों पर संभावित असर की बात सामने आई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी की नौकरी खतरे में है। पहले जांच होगी और अनियमितता पाए जाने की स्थिति में ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और गड़बड़ियों की जांच के लिए कदम उठाए हैं। वहीं, छात्रों और चयनित अभ्यर्थियों की नजर अब इस बात पर है कि जांच के बाद सरकार उनके भविष्य को लेकर क्या फैसला करती है।
