फर्जीवाड़े पर JCECEB का बड़ा प्रहार: मेडिकल दाखिले के लिए अब दो स्तरों पर होगी कागजातों की कड़ी जांच

झारखंड नीट काउंसलिंग में मेडिकल कोर्स में प्रवेश लेने के लिए फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने वाले उम्मीदवारों को पकड़ने के लिए JCECEB द्वारा टू-टियर वेरिफिकेशन सिस्टम लागू किया गया है।

झारखंड नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया जारी है। इसमें हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों में मेडिकल कोर्स लेकर डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। इस बीच काउंसलिंग प्रोसेस के बीच फर्जीवाड़े को रोकने के लिए झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड (JCECEB) ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि कई उम्मीदवार फर्जी दस्तावेजों को इस्तेमाल कर मेडिकल कॉलेज (Medical Admission) में प्रवेश प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। इससे होनहार बच्चों को नुकसान उठाना पड़ा है। प्रतिभाशाली मेहनती छात्रों का हर मारा न जाए, इसके लिए बोर्ड द्वारा टू-टियर वेरिफिकेशन सिस्टम के माध्यम से दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

फर्जीवाड़े पर JCECEB का बड़ा प्रहार

फर्जीवाड़े पर JCECEB का बड़ा प्रहार (Photo - AI)

क्या है JCECEB का टू-टियर वेरिफिकेशन सिस्टम

बीते सालों में कई उम्मीदवारों ने फर्जी आवासीय और जाति प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर मेडिकल सीटों पर एडमिशन लिया था। मामले के सामने आते ही उन उम्मीदवारों को पर कार्रवाई की गई थी। ऐसी स्थिति दोबारा न हो और मेडिकल कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए टू-टियर वेरिफिकेशन सिस्टम को लागू किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि ये काम कैसे करता है।

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