B.Tech का क्रेज हो रहा कम? तीसरे राउंड के बाद भी खाली रह गईं 37,943 सीटें, जानें 4 बड़े कारण

तमिलनाडु में 422 कॉलेजों के राउंड-2 विश्लेषण में सिर्फ 7 संस्थानों ने अपनी 100 फीसदी सीटें भरी हैं, जबकि 44 कॉलेज ऐसे रहे जहां 90 फीसदी से ज्यादा सीटें भर पाई हैं। दूसरी ओर 167 कॉलेजों में 10 फीसदी से भी कम सीटें भरी हैं और 23 कॉलेज तो ऐसे हैं जहां एक भी सीट नहीं भरी है।

तमिलनाडु इंजीनियरिंग काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद 1 लाख 6 हजार 583 सीटें खाली रह गईं। इतना ही नहीं, 167 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 90 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली हैं और 23 कॉलेज ऐसे हैं, जहां दो राउंड की काउंसलिंग के बाद एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ। 422 कॉलेजों के राउंड-2 विश्लेषण में सिर्फ 7 संस्थानों ने अपनी 100 फीसदी सीटें भरी हैं, जबकि 44 कॉलेज ऐसे रहे जहां 90 फीसदी से ज्यादा सीटें भर पाई हैं। दूसरी ओर 167 कॉलेजों में 10 फीसदी से भी कम सीटें भरी हैं और 23 कॉलेज तो ऐसे हैं जहां एक भी सीट नहीं भरी है।

तीसरे राउंड के बाद भी इंजीनियरिंग सीट्स खाली

तीसरे राउंड के बाद भी इंजीनियरिंग सीट्स खाली

अब पिछले साल से तुलना करें तो 2025 में दूसरे राउंड के बाद 148 कॉलेजों में 10 फीसदी से कम सीटें भरी थीं और 22 कॉलेजों में शून्य एडमिशन हुआ था। 2026 में यह संख्या बढ़कर 167 और 23 हो गई है। वहीं, 90 फीसदी से ज्यादा सीटें भरने वाले कॉलेजों की संख्या पिछले साल के 56 से घटकर इस साल 44 रह गई। तीसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद भी इंजीनियरिंग की 37,943 सीटें खाली हैं। इसके पीछे वजह क्या है? चलिए जानते हैं।

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