Indian Railway: भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। लंबी दूरी हो या छोटी दूरी, यात्रा के लिए सबसे पहले लोग ट्रेन को ही चुनते हैं। कम खर्च में आरामदायक सफर से बेहतर क्या होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए आज भी लोग ट्रेन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करते हैं। भारत के रेलवे नेटवर्क लगभग 68 हजार से 70 हजार किलोमीटर लंबा है। रेलवे की टिकट बुक करते हुए या इसमें यात्रा करते हुए आपने कभी सोचा कि दुनिया के चौथे सबसे रेलवे नेटवर्क में कितने जोन हैं। जी हां, इंडियन रेलवे को कई जोन में बांटा गया है। यहां रेलवे के जोन की संख्या 5 से 7 नहीं बल्कि इससे अधिक है। आइए आज रेलवे जोन और उसके मुख्यालयों यानी हेडक्वार्टर के बारे में बात करेंगे।
भारतीय रेलवे कितने जोन में बंटा है?
कितने जोन में बंटा है भारतीय रेलवे
भारत का रेल नेटवर्क 5-6 जोन में नहीं, बल्कि 19 जोन में बंटा हुआ है। हर रेलवे जोन में कई रेलवे डिवीजन आते हैं, लेकिन आज रेलवे डिवीजन नहीं रेलवे जोन के बारे में बात करेंगे।
जानें किस शहर में है आपके रेलवे जोन का हेडक्वार्टर
भारतीय रेलवे के 19 जोन और हेडक्वाटर?
| s.no | रेलवे ज़ोन | जोन मुख्यालय |
| 1 | मध्य रेलवे | मुम्बई टर्मिनस |
| 2 | उत्तर रेलवे | दिल्ली |
| 3 | पूर्वोत्तर रेलवे | गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) |
| 4 | पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे | मालेगांव |
| 5 | पूर्व रेलवे | कोलकाता |
| 6 | दक्षिण पूर्व रेलवे | गार्डन रीच, कोलकाता |
| 7 | दक्षिण मध्य रेलवे | सिकंदराबाद |
| 8 | दक्षिण रेलवे | चेन्नई सेंट्रल |
| 9 | पश्चिम रेलवे | मुम्बई (चर्चगेट) |
| 10 | दक्षिण पश्चिम रेलवे | हुबली (कर्नाटक) |
| 11 | उत्तर पश्चिम रेलवे | जयपुर (राजस्थान) |
| 12 | पश्चिम मध्य रेलवे | जबलपुर (म.प्र.) |
| 13 | उत्तर मध्य रेलवे | इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) |
| 14 | दक्षिण- पूर्व -मध्य रेलवे | बिलासपुर (छत्तीसगढ़) |
| 15 | पूर्व तटीय रेलेवे | भुवनेश्वर (उड़ीसा) |
| 16 | पूर्व- मध्य रेलवे | हाजीपुर (बिहार) |
| 17 | मेट्रो रेल | पार्क स्ट्रीट, कोलकाता |
| 18 | दक्षिण तटीय रेलवे | विशाखापट्टनम |
| 19 | कोंकण रेलवे | मुम्बई |
किस शहर में है आपके रेलवे जोन का हेडक्वार्टर
क्या है रेलवे जोन की कार्य प्रणाली?
भारतीय रेलवे के 19 जोन और उनके भीतर आने वाले डिवीजन का कार्य पूरे देश में रेल का सुचारू संचालन करना, यात्री सुविधा, माल परिवहन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम संभालना है। इतना ही नहीं, इसके साथ जोन और डिवीजन के आधार पर रेलवे जॉब और रेलवे परीक्षा का आयोजन करने का कार्यभार भी उन्हीं के कंधों पर होता है।
