Indian Navy And SSC MOU: भारतीय नौसेना और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के बीच Agniveer (SSR & MR) और SSR (Medical) भर्ती के लिए इंडियन नेवी एंट्रेंस टेस्ट (INET) आयोजित करने को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया गया है। यह समझौता नौसेना की भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को एक समान, सुव्यवस्थित और आधुनिक परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।
Indian Navy And SSC MOU: भारतीय नौसेना अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
ऑनलाइन मोड में होगी परीक्षा
इस समझौते के तहत भारतीय नौसेना में Agniveer (SSR & MR) और SSR (Medical) पदों की भर्ती के लिए INET परीक्षा का आयोजन SSC द्वारा किया जाएगा। यह परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में होगी और देशभर के सभी 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की जाएगी। इससे दूर दराज क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का समान अवसर मिल सकेगा और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी आसामी होगी।
INET परीक्षा में आधुनिक तकनीक का व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि परीक्षा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली अपनाई जाएगी। AI आधारित निगरानी से परीक्षा में नकल, फर्जीवाड़े और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी। साथ ही ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली समय की बचत करेगी और परिणाम भी अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान SSC के चेयरमैन श्री एस. गोपालकृष्णन (IAS) और भारतीय नौसेना के चीफ ऑफ पर्सनल वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने इस पहल को देश के युवाओं के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि SSC की परीक्षा आयोजित करने की विशेषज्ञता और भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं के संयोजन से एक मजबूत और प्रभावी भर्ती प्रणाली विकसित की जा सकेगी।
यह भर्ती प्रक्रिया को बनाएगा सरल
यह MoU न केवल भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि उम्मीदवारों का भरोसा भी बढ़ाएगा। इसके अलावा, डिजिटल और AI आधारित निगरानी से मानव हस्तक्षेप कम होगा, जिससे अभ्यर्थियों में परीक्षा को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी।
