GDS Recruitment 2026: इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक के पदों पर भर्ती, बिना परीक्षा 25000 पदों पर भर्ती, 10वीं पास करें आवेदन

भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी की है। ऑनलाइन पंजीकरण 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन आवेदन 2 सितंबर 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

Indian Post GDS Recruitment 2026: भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी की है। ऑनलाइन पंजीकरण 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन आवेदन 2 सितंबर 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। चयनित उम्मीदवारों को एसएमएस या ईमेल के जरिए सूचना दी जाएगी। इसके बाद उन्हें चयन होने के 15 दिनों के भीतर दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों और पुलिस सत्यापन की रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।

इंडिया पोस्ट जीडीएस के बंपर पदों पर भर्ती

इंडिया पोस्ट जीडीएस के बंपर पदों पर भर्ती

यूपी में पदों की संख्या

प्रभाग का नामकुल पोस्ट
आगरा39
अलीगढ54
अयोध्या68
आजमगढ़43
बागपत11
बहराईच40
बलिया47
बाँदा14
बाराबंकी34
बरेली24
बस्ती80
बिजनौर27
बदायूं27
बुलन्दशहर21
देवरिया102
एटा49
इटावा26
फतेहगढ़17
फ़तेहपुर23
गौतमबुद्धनगर6
गाजियाबाद43
गाजीपुर60
गोंडा61
गोरखपुर39
हरदोई33
जौनपुर79
झांसी16
कानपुर नगर7
कानपुर मोफुसिल38
खेरी20
लखनऊ15
मैनपुरी27
मथुरा14
मेरठ13
मिर्जापुर89
मुरादाबाद52
मुजफ्फरनगर22
प्रतापगढ़39
प्रयागराज44
रायबरेली57
आरएमएस एडीएन1
आरएमएस एक्सएचडीएन झाँसी1
सहारनपुर16
शाहजहांपुर15
सीतापुर55
एसएसआरएम आरएमएस ओडीएन लखनऊ3
सुल्तानपुर31
वाराणसी पूर्व29
वाराणसी पश्चिम20

कौन कर सकता है आवेदन

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
  • उम्मीदवार के पास 10वीं में गणित और अंग्रेजी विषय में पास होना अनिवार्य है।
  • उम्मीदवार ने 10वीं कक्षा तक पद के लिए निर्धारित स्थानीय भाषा की पढ़ाई की होनी चाहिए।
  • अरुणाचल प्रदेश, गोवा, सिक्किम और नागालैंड के उम्मीदवारों के लिए स्थानीय भाषा को लेकर विशेष नियम लागू हैं।
  • इन राज्यों में अंग्रेजी/हिंदी के अलावा संबंधित स्थानीय जनजातीय भाषा या बोली का ज्ञान भी जरूरी हो सकता है।
  • जहां स्थानीय भाषा 10वीं तक नहीं पढ़ाई जाती है, वहां निर्धारित अधिकारियों द्वारा प्रमाण पत्र के जरिए भाषा के ज्ञान का सत्यापन किया जाएगा।

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