एक समय था जब भारतीय समाज में एक सफल और सुरक्षित भविष्य का एक ही तय फॉर्मूला माना जाता था—10वीं के बाद साइंस लो, और फिर डॉक्टर या इंजीनियर बन कर करियर सेट करो। आपने भी अपने घर में अपने कभी न कभी यह सुना होगा की बेटा साइंस कर लो। आर्ट्स या कॉमर्स में क्या धरा है। ऐसे में उस दौरान यदि कोई छात्र इन दोनों से अलग रास्ता चुनता था, तो उसे जोखिम भरा माना जाता था। लेकिन अब यह सोच तेजी से बदल रही है।
Career Option (Photo - AI)
इंटरनेट के विस्तार, सोशल मीडिया के उभार और नई टेक्नोलॉजी के आने से छात्रों के लिए करियर के ढेरों नए दरवाजे खुल चुके हैं। अब उन्हें केवल डॉक्टर और इंजीनियरिंग की डिग्री की आवश्यकता नहीं है। आज का युवा पारंपरिक लीक से हटकर अपने जुनून, स्किल और क्रिएटिविटी को अपना पेशा बना रहा है। आइए, जाने अपनी पसंद का करियर चुनने की मिली आजादी के बाद एक आज के छात्र डॉक्टर-इंजीनियर से आगे बढ़कर कौन-से नए और रोमांचक रास्ते चुन रहे हैं।
डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग
स्मार्टफोन और इंटरनेट आज के जगत में केवल मनोरंजन का जरिया नहीं है, बल्कि कमाई का भी एक बड़ा जरिया बन चुके हैं। जी हां, आज यूट्यूब, इंस्टाग्राम और पॉडकास्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर युवा अपनी कला, ज्ञान और क्रिएटिविटी को दुनिया के सामने रखकर हजारों-लाखों रुपये कमा रहे हैं और अन्य युवाओं के बीच फेमस भी हैं। कंटेंट क्रिएटर व यूट्यूबर आज ट्रेवल, टेक समीक्षा, शिक्षा, कॉमेडी व कुकिंग, हर क्षेत्र में कंटेंट क्रिएट करके अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं। पॉडकास्टर और वीडियो एडिटर भी इस रेस में पीछे नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छी क्वालिटी के वीडियो और ऑडियो कंटेंट की मांग के कारण वीडियो एडिटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में करियर के अपार मौके बन गए हैं। इसलिए उम्मीदवार अब तेजी से डिजिटल कंटेंट क्रिएशन और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग बढ़ रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस का क्षेत्र
तकनीक की इस दुनिया में अब पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का दौर नहीं रहा है। ये दौर है एआई और डेटा एनालिसिस का। जी हां, आज डेटा के इस्तेमाल ने कई नए और ट्रेंडिंग करियर विकल्प दिए हैं। इसलिए आज लोग पारंपरिक इंजीनियरिंग से हटकर एआई सीखना चाह रहे हैं और डेटा एनालिस्ट और डेटा साइंटिस्ट के तौर पर करियर बना रहे हैं। आज कंपनियां डेटा के आधार पर ही बड़े फैसले लेती है। ऐसे में इस विषय की समझ आपको लाखों की सैलरी दिला सकती है। इसके साथ प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स और AI स्पेशलिस्ट के तौर पर भी काम कर सकते हैं। जनरेटिव AI टूल्स, जैसे ChatGPT, Midjourney के आने के बाद सही तरीके से निर्देश देकर काम करवाने वाले प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की काफी जरूरत महसूस की जा रही है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - चीन में भारतीय छात्रों के लिए क्या हैं वीजा नियम? क्या कोर्स पूरा होने के बाद भी चाइना में रुक सकते हैं छात्र
गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स और एनीमेशन की रंगीन दुनिया
जहां पहले गेमिंग को 'समय की बर्बादी' माना जाता था आज लोग इसके जरिए लाखों रुपये कमा रहे हैं। आज के समय में ई-स्पोर्ट्स (eSports) और गेम डेवलपमेंट अरबों डॉलर का उद्योग बन चुका है। हां यह सुनने में झूठ लग सकता है, लेकिन है नहीं। आज के समय में गेम डेवलपर और डिजाइनर के तौर पर लोग लाखों रुपये कमा रहे हैं। वीडियो गेम के कॉन्सेप्ट, स्टोरी और ग्राफिक्स तैयार करने वाले प्रोफेशनल्स की ग्लोबल मार्केट में जबरदस्त डिमांड है। प्रोफेशनल ई-स्पोर्ट्स एथलीट भी डिमांड कम नहीं है। कई युवा अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन गेमिंग टूर्नामेंट खेलकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके साथ ही छात्र 3D एनीमेशन और VFX आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मों, ओटीटी सीरीज और विज्ञापनों में वीएफएक्स और एनिमेशन का काम करते हैं और अच्छी सैलरी प्राप्त करते हैं। वाले युवाओं के लिए यह एक बहुत ही शानदार विकल्प है।
UI/UX डिजाइनिंग और प्रोडक्ट डिजाइन
आज हर कंपनी अपनी वेबसाइट या मोबाइल ऐप को यूजर-फ्रेंडली बनाना चाहती है। इसी जरूरत ने UI/UX डिजाइनिंग का क्षेत्र तैयार किया है। इस विषय की शिक्षा प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। यूजर एक्सपीरियंस डिजाइनर का काम यह समझना होता है कि यूजर ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करते समय क्या महसूस करता है और उसके अनुभव को कैसे आसान बनाया जाए। वहीं यूजर इंटरफेस (UI) डिजाइनर के तौर पर काम करने वाले लोग ऐप या वेबसाइट के लुक, कलर्स और लेआउट को आकर्षक बनाना। इस फील्ड में क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स रखने वाले छात्रों को बेहतरीन पैकेज मिलते हैं।
डिजिटल मार्केटिंग और एसईओ एक्सपर्ट
जहां पहले मार्केटिंग को महत्व नहीं दिया जाता था अब पारंपरिक विज्ञापनों (अखबार, टीवी) की जगह डिजिटल मार्केटिंग ने ले ली है। हर छोटा-बड़ा ब्रांड इंटरनेट के जरिए ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है। डिजिटल मार्केटिंग देश में हाई सैलरी जॉब में शामिल है। इस कोर्स के बाद आप विभिन्न पदों पर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें आप मुख्य तौर पर सोशल मीडिया मैनेजर के तौर पर ब्रांड्स के सोशल मीडिया हैंडल्स को मैनेज करना और ऑडियंस को जोड़ते हैं। SEO स्पेशलिस्ट के तौर पर गूगल और अन्य सर्च इंजनों पर किसी ब्रांड की वेबसाइट को टॉप पर लाने की रणनीति बनाते हैं।
वेलनेस, फिटनेस और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अब लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मेंटल हेल्थ पर भी बड़ा ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में वेलनेस, फिटनेस और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग का क्षेत्र तेजी से ग्रो कर रहा है। इन सब में दिलचस्पी रखने वालों ने इसे करियर के तौर पर चुना है। जैसे न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस कोच। यह सही खान-पान और एक्सरसाइज के जरिए लोगों को फिट रखने में मदद करना। दूसरा है क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और लाइफ कोच। यह लोगों के तनाव, एंग्जायटी को दूर करने और उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाने में परामर्श देना।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - सिर्फ दिल्ली के पास ही क्यों है अपना High Court? जानें बाकी 7 केंद्र शासित प्रदेश न्याय के लिए कहां जाते हैं
पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी में करियर
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए 'ग्रीन जॉब्स' का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कई लोग सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। इसमें कंपनियां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे काम करें, इस पर सलाह दी जाती है। साथ ही सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर काम करने वाले एक्सपर्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
डिग्री से ज्यादा हुनर की अहमियत
आज के समय में करियर चुनने की आजादी का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि डॉक्टर या इंजीनियर बनना गलत है। बल्कि इसका सिंपल मतलब यह है कि यदि आपका रुझान इन पारंपरिक क्षेत्रों में नहीं है, तो आपके पास करियर की कमी नहीं है। आप अपनी प्रतिभा के हिसाब से अपने पसंद का करियर चुनने सकते हैं। और इसके लिए सैकड़ों अन्य दरवाजे खुले हैं। केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना ही आज के समय में एकमात्र करियर का ऑप्शन नहीं है। आज की जॉब मार्केट में "आपकी डिग्री क्या है" से ज्यादा यह मायने रखता है कि "आपको क्या आता है" यानी आपके पास क्या स्किल्स है। इसलिए, छात्रों को किसी के दबाव में आए बिना अपनी रुचि और क्षमता को पहचान कर सही राह चुननी चाहिए।
