IAS Deepesh Kumari Success Story: ठेले पर पकौड़े बेचने वाले की बेटी बनी IAS, दीपेश कुमारी ने कैसे पाई 93वीं रैंक

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Oct 11, 2023, 02:13 PM IST

IAS Deepesh Kumari Success Story in Hindi: राजस्थान के भरतपुर जिले के एक कंकड़ वाली कुईया के पास रहने वाली दीपेश कुमारी की कहानी संघर्ष भरी है। उनके पिता चाट-पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। पिता के सम्मान के लिए बेटी दीपेश ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी और 93वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया।

IAS Deepesh Kumari Success Story in Hindi: प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभा गरीबी में भी नहीं छिपती है और उदीयमान सूर्य की तरह गरीबी रूपी अंधेरे पर सफलता प्राप्त करती है। राजस्थान के भरतपुर जिले के एक कंकड़ वाली कुईया के पास रहने वाली दीपेश कुमारी की कहानी संघर्ष भरी है। उनके पिता चाट-पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। पिता के सम्मान के लिए बेटी दीपेश ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी और 93वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया।

IAS Deepesh Kumari Success Story

IAS Deepesh Kumari Success Story

गरीबी में बीता जीवन

दीपेश कुमारी के पिता चाट-पकौड़ी का ठेला लगाते हैं और फेरी लगाकर चाट बेचते हैं। दीपेश कुमारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 93वीं रैंक लाकर इतिहास रच दिया था। दीपेश कुमारी पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। शिक्षा अच्छी होने के कारण उसे हर जगह स्कॉलरशिप मिली। दीपेश के पिता ने छोटे से मकान में रहकर सभी बच्चों को शिक्षा दिलाई। उन्होंने अपनी हैसियत से ऊपर जाकर बच्चे पढ़ाए।

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