HPBOSE Class 10 July Result 2026: हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (HPBOSE) ने जुलाई 2026 में आयोजित मैट्रिक सेकेंड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए कराई गई थी, जो अपने रिजल्ट में सुधार करना चाहते थे या कंपार्टमेंट, ऑप्शनल इम्प्रूवमेंट और अतिरिक्त विषय की परीक्षा में शामिल हुए थे। इस परीक्षा में कुल 8,181 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 4,930 छात्र सफल रहे। इस तरह परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 60.27 फीसदी रहा।
HPBOSE के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में हुई दूसरी परीक्षा में 8,181 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें 4,930 छात्र पास हुए। वहीं 1,774 विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जबकि 1,316 छात्र Essential Repeat श्रेणी में हैं। यह परीक्षा छात्रों को उसी शैक्षणिक वर्ष में दोबारा मौका देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, ताकि उन्हें अपने परिणाम में सुधार करने या जरूरी शैक्षणिक शर्त पूरी करने के लिए अगले साल तक इंतजार न करना पड़े।
मार्च और जुलाई परीक्षा को मिलाकर 89.54% रहा पास प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश बोर्ड ने मार्च 2026 से कक्षा 10वीं के लिए डुअल बोर्ड परीक्षा सिस्टम लागू किया है। इसके तहत मुख्य परीक्षा के अलावा छात्रों को दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया। मार्च और जुलाई दोनों परीक्षाओं को मिलाकर कुल 91,060 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 81,110 विद्यार्थी सफल हुए। दोनों परीक्षाओं का संयुक्त पास प्रतिशत 89.54 फीसदी रहा।
HPBOSE Class 10 July Result 2026 कैसे चेक करें?
छात्र अपना रिजल्ट HPBOSE की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन देख सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए उन्हें अपने रोल नंबर समेत मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी।
रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं। बोर्ड ने प्रमाणपत्रों की डिजिटल कॉपी DigiLocker पर भी उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।
9 सितंबर तक कर सकते हैं रीचेकिंग और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन
जिन छात्रों को लगता है कि उनकी उत्तर पुस्तिका की जांच में कोई गलती हुई है, वे रीचेकिंग या रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 तय की गई है। रिवैल्यूएशन के लिए 1,000 रुपये प्रति विषय और रीचेकिंग के लिए 800 रुपये प्रति विषय शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से संबंधित स्कूल के जरिए करना होगा।
