MBBS Seats in India: नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के रिजल्ट बीते दिनों में जारी किए गए हैं। परिणामों की घोषणा के बाद से परीक्षा में सफल हुए लाखों उम्मीदवारों की नजरें काउंसलिंग प्रक्रिया टिकी हुई है, ताकि वह अपने पसंद के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स की सीट प्राप्त कर सकें और डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने की तरह आगे बढ़ सकें। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के ताजा सीट आंकड़ों के अनुसार, इस बार देश में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए अवसरों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में मेडिकल की कुल कितनी सीटें है, जिसकी रेस में लाखों युवा दौड़ रहे हैं। साथ ही कब नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी और यह कितने चरणों में पूरी होगी। आइए आपको विस्तार में बताएं।
NEET: देश में MBBS की कितनी सीटें उपलब्ध हैं (Photo - AI)
देश में MBBS सीटों का पूरा गणित
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के आंकड़ों के अनुसार, इस समय देश भर के 823 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1,36,939 सीटें उपलब्ध हैं।
| सरकारी मेडिकल सीटें (Govt Seats) | 441 | 63,296 | सरकारी मेडिकल कॉलेज |
| निजी मेडिकल सीटें (Private Seats) | 382 | 73,643 | प्राइवेट और डीम्ड मेडिकल संस्थानों |
इस शैक्षणिक सत्र में NMC ने 25 नए मेडिकल कॉलेजों को हरी झंडी दी है। साथ ही मौजूदा कॉलेजों की क्षमता बढ़ाने से कुल 9,911 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी गई हैं।
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कितने चरणों में संपन्न होगी NEET काउंसलिंग?
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ऑल इंडिया कोटा, AIIMS, JIPMER तथा सेंट्रल व डीम्ड यूनिवर्सिटीज के दाखिले के लिए काउंसलिंग आयोजित करती है। यह पूरी प्रक्रिया 4 मुख्य राउंड में विभाजित होती है, जो इस प्रकार है -
राउंड 1 - इस चरण में छात्र mcc.nic.in पर जाकर नया रजिस्ट्रेशन करते हैं, तय फीस जमा करते हैं और अपनी पसंद के कॉलेजों की 'चॉइस फिलिंग' व लॉकिंग करते हैं।
राउंड 2 - जिन छात्रों को पहले राउंड में सीट आवंटित नहीं हुई, या जो अपनी आवंटित सीट को अपग्रेड करना चाहते हैं, वे इस राउंड में भाग लेते हैं।
मॉप-अप राउंड - शुरुआती दो चरणों के बाद जिन संस्थानों में मेडिकल की सीट उपलब्ध होती है, उन्हें भरने के लिए मॉप-अप राउंड चलाया जाता है।
राउंड 4 - यह काउंसलिंग का आखिरी पड़ाव होता है। इसमें बची हुई सीटों पर मेरिट के आधार पर सीधे दाखिला दिया जाता है।
ऑल इंडिया कोटा के अलावा, राज्यों की 85% स्टेट कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य काउंसलिंग अथॉरिटी द्वारा अलग से इन्हीं 4 चरणों में अपनी प्रक्रिया पूरी की जाती है।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह
NEET के रिजल्ट जारी होने के साथ ही अब देश के विभिन्न संस्थानों में मेडिकल की सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में एडमिशन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसलिए उम्मीदवारों को सलाह है कि वह अपने डॉक्यूमेंट्स पहले से तैयार रखें। ओरिजनल के साथ फोटो कॉपी और स्कैन दस्तावेज भी अनिवार्य है।
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स्मार्ट चॉइस फिलिंग
काउंसलिंग के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवारों को इस बात का खास ध्यान देना है कि वह केवल टॉप कॉलेज के भरोसे न रहें। जी हां, उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर पिछले साल की कट-ऑफ को चेक करें और उसके अनुसार एक बैकअप विकल्प का चयन रखें और चॉइस फिलिंग के दौरान प्राथमिकता के आधार पर संस्थानों के नाम सेव करें।
