कैसे तैयार होती है CBSE की मार्कशीट, ग्रेस मार्क्स पर कैसे किया जाता है छात्रों को पास

CBSE रिजल्ट जारी होते ही छात्र मार्कशीट डाउनलोड करने लगते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा की सीबीएसई द्वारा मार्कशीट तैयार कैसे की जाती है। आइए जानते हैं मार्कशीट कैसे बनाई जाती है।

How CBSE Marksheet Prepared: सीबीएसई (CBSE) की बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद से ही छात्र और अभिभावक उत्सुकता से परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बीच क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी अंतिम मार्कशीट तैयार कैसे की जाती है। इसके ने के पीछे कितनी जटिल और वैज्ञानिक प्रक्रिया है? परीक्षा देने से लेकर कॉपियों की जांच और डिजिटल मार्क्स अपलोड करने तक बोर्ड एक बेहद पारदर्शी सिस्टम का पालन करता है। आइए आपको आज मार्कशीट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के साथ ग्रेस मार्क्स के आधार पर छात्रों को कैसे पास किया जाता है के बारे में भी विस्तार से बताएं।

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कैसे तैयार होती है CBSE की मार्कशीट

रियल-टाइम डाटा एंट्री सिस्टम

परीक्षा के संपन्न होते ही सभी केंद्रों से आंसर कॉपियों को सुरक्षित तरीके से सीबीएसई द्वारा अंकित मूल्यांकन केंद्रों (Evaluation Centers) पर भेजा जाता है। यहां विशेष टीचरों द्वारा कॉपियों की बारीकी से जांच की जाती है। क्योंकि सीबीएसई अब रीयल-टाइम डाटा एंट्री सिस्टम का उपयोग करता है, जिसके तहत शिक्षक जैसे-जैसे कॉपियां जांचते हैं, अंक साथ-साथ डिजिटल पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाते हैं। इस सिस्टम के माध्यम से गलतियों की गुंजाइश कम हो जाती है और परिणाम जल्दी तैयार हो जाते हैं। अलग से मूल्यांकन के बाद डाटा अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

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