चीन में ये परीक्षा मानी जाती है बेहद टफ, लाखों में से कुछ ही हो पाते हैं कामयाब, जानें किस चीज का होता है ये एग्जाम

चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और करोड़ों छात्र स्कूल-कॉलेजों में अध्ययन करते हैं। इन छात्रों का सपना अच्छे विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर अपनी किस्मत बदलने का होता है।

नई दिल्ली: चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और करोड़ों छात्र स्कूल-कॉलेजों में अध्ययन करते हैं। इन छात्रों का सपना अच्छे विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर अपनी किस्मत बदलने का होता है। ऐसे में चीन में एक एग्ज़ाम होता है, जो इनका भविष्य पूरी तरह बदल कर रख देता है, उसका नाम है काओखाओ। इसे यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा भी कहा जाता है। जाहिर है कि चीन की शिक्षा पद्धति इंडिया की तरह बहुत प्रतिस्पर्धी मानी जाती है। जाहिर है कि इस परीक्षा में अच्छे अंक लाना बहुत मुश्किल होता है। इसके लिए छात्रों को दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

China Exam

काओखाओ चीन की सबसे मुश्किल परीक्षा

काओखाओ परीक्षा हर वर्ष जून महीने में पूरे देश में आयोजित की जाती है। इस साल का यह इम्तिहान 7 जून को शुरू होकर चार दिन तक चला। प्रतिदिन एग्ज़ाम का समय करीब तीन घंटे निर्धारित होता है। ध्यान रहे कि इस परीक्षा का परिणाम जून महीने के अंत तक जारी होने की उम्मीद है। इस एग्जाम के लिए इस बार 13.35 मिलियन छात्रों ने पंजीकरण कराया। हालांकि साल 2024 की तुलना में इस वर्ष एग्ज़ाम देने वाले छात्रों की संख्या 70 हज़ार कम दर्ज की गयी। अकेले राजधानी बीजिंग में ही 78,900 छात्रों ने एग्जाम देने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इसके लिए बीजिंग में 114 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए।

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