क्या है Home Schooling? भारत में तेजी से बढ़ रहा ट्रेंड!, जानें इसके फायदे और नुकसान

Home Schooling: बीते कुछ सालों में भारत में विदेशो की ही तरह होम स्कूलिंग का ट्रेंड बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। होम स्कूलिंग के जरिये पेरेंट्स बच्चों को चीजें सिखाते हैं। इसमें सिर्फ वे पढ़ाई-लिखाई ही नहीं सीखते बल्कि खेलकूद और अन्य चीजों में उनके इंट्रस्ट को भी पेरेंट्स ध्यान में रखते हैं। भारत में इसका ट्रेंड काफी देखने को मिल रहा है। ऐसे में चलिये समझने की कोशिश करते हैं कि होम स्कूलिंग क्या है और इसके फायदे और नुकसान के बारे में...

Home Scholling: जब भारत पर कोरोना की मार पड़ी तो देश में सबसे ज्यादा अगर किसी चीज का ट्रेंड देखने को मिला तो वो था होम स्कूलिंग। ट्रेंड कहें या मजबूरी... मगर पेरेंट्स अपने बच्चों को घर पर ही पढ़ाने लगे। इससे पहले विदेशों में एक तरह का कल्चर हुआ करता था, जो कि आज भी कायम है। मगर देखते ही देखते भारत में भी होम स्कूलिंग बढ़ने लगी। एक तरह से मजबूरी में शुरू हुई ये चीज देखते ही देखते आज के समय में ट्रेंड बन चुका है। भारत में भी होम स्कूलिंग का महत्व समझा जाने लगा है और पेरेंट्स बच्चों को घर पर ही शिक्षा-दीक्षा दे रहे हैं। ऐसे में इस लेख में समझने की कोशिश करते हैं कि होम स्कूलिंग क्या है, इसका ट्रेंड भारत में कैसे बढ़ा और इसके फायदे और नुकसान क्या हैं...

क्या है होम स्कूलिंग?

What is Home Schooling

तेजी से बढ़ रहा होम स्कूलिंग का ट्रेंड Home Schooling Trend

आज के समय में स्कूलों की बात की जाए तो फीस के मामले में एक दूसरे को टफ कंपीटिशन देते दिख जाते हैं। अगर आप अपने बच्चे के लिए बेहतर स्कूल की तलाश में होते हैं तो आपको एक से बढ़कर एक ऑप्शन मिल जाते हैं। इन्हीं ऑप्शन्स में अगर आप फीस पर एक नजर डालें तो आंखें फटी की फटी रह जाती हैं। ट्यूशन फीस से लेकर कई तरह की एक्टिविटीज के लिए स्कूल में अलग-अलग फीस स्ट्रक्चर तय किये जाते हैं। ना चाहते हुए भी कई बार पेरेंट्स को ये फीस भरनी पड़ती है। ऐसे में इस बोझ से बचने के लिए विदेशों की तरह भारत में भी होम स्कूलिंग का ट्रेंड बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

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