MBA from IIT: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), मैनेजमेंट की पढ़ाई यानी MBA करने के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान माने जाते हैं। भारत में कुल 21 भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) हैं, जो देश भर में प्रबंधन शिक्षा प्रदान करते हैं। भारत में सभी IIM कुल मिलाकर एमबीए/पीजीडीएम पाठ्यक्रमों के लिए लगभग 5500 सीटें प्रदान करते हैं। इन संस्थानों के एमबीए/पीजीडीएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आमतौर पर CAT परीक्षा देनी होती है। आईआईएम अहमदाबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे संस्थान दशकों से मैनेजमेंट एजुकेशन के सबसे पसंदीदा संस्थान माने जाते हैं। एमबीए करने की चाहत रखने वाला हर युवा आईआईएम में ही दाखिला चाहता है लेकिन आईआईएम में दाखिले की दौड़ इतनी आसान नहीं है कि उसे हर कोई पूरा कर सके।
MBA From IIT: कितना बेहतर-कितना किफायती
इस बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भी मैनेजमेंट की पढ़ाई यानी MBA प्रोग्राम्स के लिए छात्रों की पसंद बनते जा रहे हैं। आईआईटी में अब सिर्फ इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं होती है. वहां एमबीए के कई कोर्स की डिग्री भी मिलती है। आईआईटी प्रौद्योगिकी संस्थान होने के बावजूद मैनेजमेंट की पढ़ाई भी कराते हैं। IIT से MBA सुनने में भले ही थोड़ा अलग लगे, लेकिन यह टेक्नोलॉजी और बिजनेस का अलग कॉम्बिनेशन और एक्सपोजर देता है। आइये जानते हैं कि IIT से एमबीए करना कितना बेहतर है, ये किन युवाओं के लिए अधिक उपयुक्त है।
23 में से कितने IIT में MBA
आईआईटी से एमबीए क्यों करें?
सवाल ये उठता है कि जब आईआईएम की गिनती देश के सर्वश्रेष्ठ मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स में होती है तो फिर आईआईटी से एमबीए क्यों किया जाए। इसका जवाब आपको लॉजिक के साथ समझने की जरूरत है। अगर आपका इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड से आते हैं और मैनेजमेंट की भी समझ चाहते हैं तो आईआईटी से एमबीए आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। इसी तरह अगर आप रिसर्च, डेटा और एनालिटिक्स के क्षेत्र से आते हैं तो भी आईआईटी से एमबीए बेहतर है। अगर आप अपने करियर और टेक्नोलॉजी एवं मैनेजमेंट दोनों की विशेषताओं के साथ आगे ले जाना चाहते हैं तो आईआईटी से एमबीए करना बेहतर रहेगा। वहीं सबसे अहम बात ये है कि आईआईटी में प्रवेश के लिए आवश्यक कैट पर्सेंटाइल, आईआईएम और भारत के अन्य शीर्ष एमबीए कॉलेजों की तुलना में काफी कम है।
आईआईटी से एमबीए करने के फायदे
1. कम फीस
आईआईटी के एमबीए प्रोग्राम्स की फीस अपेक्षाकृत कम होती है (अधिकतर 8–10 लाख रुपये)। इसके मुकाबले औसत पैकेज 12–16 लाख रुपये तक मिलता है।
2. टेक्नो-मैनेजेरियल स्किल्स
आईआईटी से एमबीए करने पर छात्रों को टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट दोनों की गहरी समझ मिलती है, जो आज के डिजिटल युग में बेहद ज़रूरी है।
3. ब्रांड वैल्यू और नेटवर्किंग
"आईआईटी" टैग अपने आप में बहुत बड़ा ब्रांड है। यहां से एमबीए करने वाले छात्र मजबूत एलुमनी नेटवर्क का फायदा उठाते हैं।
4. हाई प्लेसमेंट के मौके
आईआईटी के मैनेजमेंट प्रोग्राम्स में कंपनियों का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। यहां से एमबीए करने वाले छात्रों को कंसल्टिंग, फाइनेंस, आईटी, ऑपरेशंस और प्रोडक्ट मैनेजमेंट में बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।
5. इनोवेशन और स्टार्टअप सपोर्ट
आईआईटी कैंपस इनक्यूबेटर्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े होते हैं। जो छात्र खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, उन्हें रिसोर्स, मेंटरशिप और फंडिंग सपोर्ट मिल सकता है।
6. डायवर्स लर्निंग एनवायरनमेंट
आईआईटी में इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स ज्यादा होते हैं, जिससे छात्रों को 'डायवर्स लर्निंग एनवायरनमेंट' कैंपस में मिलता है।
7. गवर्नमेंट और पब्लिक सेक्टर में मान्यता
आईआईटी डिग्री की सरकारी संस्थानों और पब्लिक सेक्टर में भी मजबूत वैल्यू होती है। आईआईटी से हासिल की गई डिग्री की ग्लोबल इमेज का फादा नौकरी में मिलता है।
NIRF Ranking 2025: टॉप मैनेजमेंट कॉलेज
MBA की रैंकिंग में IIT कहां पर
हाल ही में जारी NIRF 2025 में मैनेजमेंट/एमबीए श्रेणी में आईआईएम अहमदाबाद पहले स्थान पर है। वहीं आईआईएम बेंगलुरु दूसरे पर और आईआईएम कोझिकोड तीसरे पायदान पर है। इस लिस्ट मं आईआईटी दिल्ली को टॉप 10 में जगह मिली थी। इस श्रेणी के टॉप 10 में यह इकलौता आईआईटी है, बावजूद इसके एमबीए/मैनेजमेंट श्रेणी में आईआईटी की रैंकिंग बढ़ती जा रही है।अभी मैनेजमेंट एजुकेशन के क्षेत्र में आईआईटी आईआईएम को टक्कर नहीं दे पा रहे हैं। बता दें कि भारत में इस समय 23 आईआईटी हैं जिनमें से आठ ही मैनेजमेंट के क्षेत्र में एमबीए कार्यक्रम संचालित करते हैं। ये आठ आईआईटी भारत के शीर्ष 50 एमबीए संस्थानों में शामिल हैं। इनमें आईआईटी खड़गपुर , आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी कानपुर काफी पसंद किए जाने लगे हैं। इन सात संस्थानों में से केवल तीन - आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास और आईआईटी खड़गपुर- अपने एमबीए प्रोग्राम में गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले छात्रों को प्रवेश देते हैं।
23 में से कितने IIT में MBA
- आईआईटी बॉम्बे
- आईआईटी दिल्ली
- आईआईटी खड़गपुर
- आईआईटी मद्रास
- आईआईटी कानपुर
- आईआईटी रुड़की
- आईआईटी-आईएसएम धनबाद
- आईआईटी जोधपुर
आईआईटी से एमबीए क्यों?
आईआईटी में एमबीए की कितनी सीटें
आईआईटी में एमबीए की 880 सीटें हैं। इनमें आईआईटी दिल्ली के डीएमएस में लगभग 115 सीटें हैं, जिनमें प्रबंधन के लिए 91 और दूरसंचार प्रणाली प्रबंधन के लिए 24 सीटें हैं। इसके अलावा, आईआईटी खड़गपुर में लगभग 200, आईआईटी मद्रास में 68, और आईआईटी आईएसएम धनबाद में 92 सीटें हैं।
आईआईटी दिल्ली (DMS): कुल 115 सीटें, जिसमें 91 सीटें प्रबंधन के लिए और 24 सीटें दूरसंचार प्रणाली प्रबंधन के लिए हैं।
आईआईटी खड़गपुर: 200 सीटें।
आईआईटी मद्रास: 68 सीटें।
आईआईटी आईएसएम धनबाद: 92 सीटें।
आईआईटी जोधपुर: 80 सीटें।
आईआईटी रुड़की: 95 सीटें।
आईआईटी कानपुर: 78 सीटें।
आईआईटी बॉम्बे: 152 सीटें
IIT MBA Fees: आईआईटी से एमबीए की फीस
dms.iitd.ac.in से मिली जानकारी के अनुसार, आईआईटी दिल्ली में एमबीए कोर्स की फीस 18.00 लाख रुपये है जिसका भुगतान 4 समान किस्तों (4 सेमेस्टर) में करना होता है। इस कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं। लिखित परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इन उम्मीदवारों की सूची प्रदर्शित की जाएगी। किसी भी विषय में न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातक की डिग्री धारक एमबीए के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बीच अगर प्लेसमेंट की बात करें तो, आईआईटी दिल्ली में एमबीए ग्रेजुएट्स को आमतौर पर 20-26 लाख रुपये के बीच मीडियन पैकेज मिल जाता है जबकि आईआईटी बॉम्बे का औसत पैकेज करीब 28 लाख रुपये सालाना है। वहीं, आईआईएम से एमबीए की फीस 34 लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
