Explained: दुनिया को भा रही भारत की पढ़ाई, जानें कैसे ग्लोबल स्टडी का हब बन रहा India

एक समय था जब विश्वगुरु भारत को ज्ञान का केंद्र माना जाता था और यहां के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने बड़ी संख्या में विदेशी छात्र आते थे। चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, मंगोलिया, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे दूर-दराज के देशों से लोग यहां ज्ञान लेने पहुंचते थे। अब एक बार फिर भारत में शिक्षा का परिदृश्य और स्तर बदल रहा है और यह पुन: विश्वगुरु बनने की राह पर चल पड़ा है। नई शिक्षा नीति, टेक-ड्रिवन लर्निंग और स्किल बेस्ड एजुकेशन भारत की एकेडमिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

Study in India: एक समय था जब विश्वगुरु भारत को ज्ञान का केंद्र माना जाता था और यहां के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने बड़ी संख्या में विदेशी छात्र आते थे। चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत, मंगोलिया, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे दूर-दराज के देशों से लोग यहां ज्ञान लेने पहुंचते थे। अब एक बार फिर भारत में शिक्षा का परिदृश्य और स्तर बदल रहा है और यह पुन: विश्वगुरु बनने की राह पर चल पड़ा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किफायती फीस, अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाएं और सुरक्षित-सशक्त वातावरण ने भारत को ग्लोबल स्टडी का नया हब बना दिया है। आज एशिया, अफ्रीका, यूरोप से हजारों छात्र भारतीय विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं।नई शिक्षा नीति, टेक-ड्रिवन लर्निंग और स्किल बेस्ड एजुकेशन भारत की एकेडमिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

ग्लोबल स्टडी का हब बन रहा भारत (Image: Canva)

ग्लोबल स्टडी का हब बन रहा भारत (Image: Canva)

भारत में पढ़ रहे 200 देशों के 72,218 विदेशी छात्र

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि वर्तमान में करीब 200 देशों के 72,218 विदेशी छात्र भारतीय हायर एजुकेशन संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान सप्लीमेंट्री सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस बात की जानकारी दी। विदेशी छात्रों की यह संख्या बताती है कि दुनिया नये भारत के एकेडमिक मॉडल पर भरोसा जता रही है। यही वजह है कि “स्टडी इन इंडिया” दुनिया को आकर्षित कर रहा है और भारत वैश्विक ज्ञान-गंतव्य बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

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