Delhi University Election Result 2025: दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी (ABVP) के आर्यन मान ने जीत हासिल की है। आर्यन मान ने एनएसयूआई की अध्यक्ष पद की दावेदार जोसलीन नंदिता चौधरी को 16196 मतों से हराया। जब वोटों की गिनती शुरू हुई थी, तभी से आर्यन ने बढ़त बनाई हुई थी और आखिरी राउंड तक वे आगे ही रहे।
आर्यन को कुल कितने वोट?
एबीवीपी के आर्यन मान को कुल 24,476 वोट मिले हैं। वहीं, NSUI के राहुल झांसला ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। वहीं ABVP के कुणाल चौधरी ने सचिव पद जीता। साथ ही ABVP की दीपिका झा ने संयुक्त सचिव पद पर परचम लहराया है। DUSU में ABVP की 3-1 से जीत हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ABVP के विजयी उम्मीदवार शाम 5:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
कितने मतों से जीते आर्यन?
बताते चलें कि एबीवीपी के आर्यन मान ने एनएसयूआई की अपनी प्रतिद्वंद्वी जोसलिन नंदिता चौधरी को 16,196 मतों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। एनएसयूआई उम्मीदवार राहुल झांसला (29,339 मत) ने एबीवीपी के गोविंद तंवर (20,547 मत) को हराकर उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23,779 मत प्राप्त कर एनएसयूआई के कबीर को हराकर सचिव पद पर जीत हासिल की। एबीवीपी की दीपिका झा ने लवकुश भड़ाना को हराकर संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की।
क्या बोले NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष?
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) दोनों ही दलों को खाली हाथ रहना पड़ा। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी ने इस चुनाव में अच्छी लड़ाई लड़ी। ये चुनाव न केवल एबीवीपी के खिलाफ था बल्कि डीयू प्रशासन, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, संघ-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त ताकत के खिलाफ भी था।
हमारे छात्रों का प्रदर्शन अच्छा
उन्होंने कहा कि फिर भी, डीयू के हजारों छात्र हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे और हमारे उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई पैनल से नवनिर्वाचित डूसू उपाध्यक्ष राहुल झांसला और जीतने वाले सभी अन्य पदाधिकारियों को शुभकामनाएं। हार हो या जीत एनएसयूआई हमेशा विद्यार्थियों, उनके मुद्दों और डीयू को बचाने के लिए लड़ती रहेगी। हम और भी मजबूत होकर उभरेंगे।
बताते चलें कि साल 2024 के डूसू चुनाव मे एनएसयूआई ने सात साल के अंतराल के बाद अध्यक्ष पद और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी।
