NEET Result 2024: मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय स्तर की परीक्षा नीट (NEET) 2024 का रिजल्ट विवादों में आ गया है। 4 जून को जब NEET का रिजल्ट आया तो 100 परसेंट मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट्स भी AIIMS में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबल नहीं थे क्योंकि एक या दो नहीं बल्कि 67 कैंडिडेट्स ने इस बार टॉप किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गईं और सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट्स के हक़ में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अब इन सभी 1563 स्टूडेंट्स को फिर से एग्जाम देना होगा। अब नीट विवाद में करियर गुरू और मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा ने भी NTA यानि कि National Testing Agency पर सवाल उठाए हैं।
Dr Vivek Bindra speaks on NEET 2024 Result
डॉ विवेक बिंद्रा ने एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने नीट विवाद को लेकर कई बातें कही हैं। उनका कहना है कि 4 जून को जब NEET का रिजल्ट आया तो 100 परसेंट मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट्स भी AIIMS में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबल नहीं थे क्योंकि एक या दो नहीं बल्कि 67 कैंडिडेट्स ने इस बार टॉप किया। एक ही सेंटर के 6 स्टूडेंट्स टॉपर रहे जिससे पेपर लीक होने जैसे सवाल खड़े हो गए।
बता दें कि नीट 2024 के इस एग्जाम में 24 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। इस एग्जाम को देशभर के 4750 सेंटर्स पर करवाया गया, इन्हीं में से कुछ सेंटर्स पर एग्जाम के समय हुई कुछ कमियां सामने आईं जैसे टाइम लॉस, डमी कैंडिडेट्स और पेपर लीक। डॉ विवेक बिंद्रा का कहना है कि स्टूडेंट्स के साथ पूरी तरह से न्याय होना चाहिए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट्स के हक में बड़ा फैसला दिया है जोकि स्वागतयोग्य है। 1563 स्टूडेंट्स को फिर से एग्जाम देना होगा।
14 की जगह 4 जून को क्यों आया NEET का रिज़ल्ट
डॉ विवेक बिंद्रा ने सवाल उठाया कि जो रिजल्ट 14 जून को आने वाला था वो 10 दिन पहले इलेक्शन रिजल्ट के दिन क्यों अनाउंस किया गया? इस पर NTA की तरफ से कहा गया था कि NEET की परीक्षा का रिजल्ट 14 जून या फिर उससे पहले कभी भी आ सकता था लेकिन समझा ये गया कि रिजल्ट 14 जून को आएगा। इस एग्जाम में 1563 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर की गलती की वजह से कॉमपेंसेटरी मार्क्स मिले हैं, उन्होंने इस पर भी सवाल उठाया है।
67 छात्रों के 100% नंबर कैसे
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े कॉम्पिटेटिव एग्जाम में 67 स्टूडेंट्स के 100% मार्क्स कैसे आ गए जबकि पिछले साल इसी एग्जाम में सिर्फ 2 ही स्टूडेंट्स टॉपर रहे थे। इन 67 स्टूडेंट्स में से 44 स्टूडेंट्स को उत्तर कुंजी में गलतियों का फायदा मिला, जिसे स्टूडेंट्स ने चैलेंज भी किया। लेकिन एक्सपर्ट्स ने चैलेंजिंग सवालों के दोनों ऑप्शंस को सही माना जिसके कारण इतने सारे स्टूडेंट्स को ज्यादा मार्क्स हासिल हुए। 6 स्टूडेंट्स को लॉस ऑफ टाइम की वजह से कॉमपेंसेटरी मार्क्स दिए गए तो वहीं 17 स्टूडेंट्स ऐसे थे जिन्होंने अपनी मेहनत से ये नंबर हासिल किए।
