Career Scope in Asian Language: एशियाई भाषाओं में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो दिल्ली विश्वविद्यालय आपके लिए खुशखबरी लाने वाला है। डीयू जल्द ही एशियाई भाषाओं में एडवांस डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स ला रहा है, बता दें आज के समय में एशियाई भाषाओं को सीखकर करियर को सेट किया जा सकता है। एशियाई भाषाओं में करियर बनाना एक अच्छ निर्णय हो सकता है, क्योंकि इसमें अवसरों की कमी नहीं है। इन भाषाओं में पारंगत होने के अलावा, छात्र विभिन्न संस्कृतियों को समझ सकेंगे, वैश्विक रूप से सोच और समझ बढ़ेगी, लिखित और मौखिक संचार कौशल विकसित होगा। नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेस एंड एम्प्लॉयर्स की जॉब आउटलुक 2016 रिपोर्ट के अनुसार, ये महत्वपूर्ण कौशल हैं जिन्हें नियोक्ता यानी सेलेक्टर्स आवेदकों में नोटिस करते हैं।
डीयू से कर सकेंगे एशियाई भाषाओं में एडवांस डिप्लोमा और सर्टिफिकेट (image - canva)
डीयू के तीन कॉलेजों में मिलेगा मौका
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के तीन कॉलेज पूर्वी एशियाई भाषाओं में एडवांस डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम लाने की योजना बना रहे हैं। रामजस कॉलेज, हंसराज कॉलेज और रामलाल आनंद कॉलेज ने नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद को एक नीतिगत प्रस्ताव भेजा है।
कोरियन, चीनी और जापानी भाषा सीखने का मौका
अकादमिक परिषद की बैठक विभिन्न नीति प्रस्तावों और कुलपति द्वारा स्वीकृत की गयी कार्य रिपोर्ट पर चर्चा 10 अक्टूबर को होगी। प्रस्ताव के अनुसार, रामजस कॉलेज की ‘एडवांस डिप्लोमा इन कोरियन’ (केपी-3) जबकि हंसराज कॉलेज की चीनी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स के साथ ही कोरियाई (केपी-2) और जापानी (जेपी-2) भाषाओं में डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है।
एडवांस डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स की सुविधा
रामलाल आंनद चीनी (सीपी-3) और जापानी (जेपी-3) भाषाओं में एडवांस डिप्लोमा शुरू करेगा। ये तीनों पाठ्यक्रम पूर्वी एशियाई अध्ययन विभाग के तहत शुरू किए जाएंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय में विभिन्न विदेशी भाषाओं के लिए समर्पित विभाग हैं तथा उससे संबद्ध कई कॉलेज इन भाषाओं में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन करते हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)
