दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला: प्राइवेट कॉलेज 10% मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए खुद बना सकेंगे मेरिट लिस्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़े फैसले में दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज या इंस्टीट्यूशन नियम-2007 के नियम 8(2)(a)(v) को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि सरकारी मदद के बिना चलने वाले निजी प्रोफेशनल संस्थान कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) पास करने वाले छात्रों में से 10 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए अपनी अलग मेरिट लिस्ट बनाकर एडमिशन दे सकते हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक बड़े फैसले में दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज या इंस्टीट्यूशन नियम-2007 के नियम 8(2)(a)(v) को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि सरकारी मदद के बिना चलने वाले निजी प्रोफेशनल संस्थान कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) पास करने वाले छात्रों में से 10 प्रतिशत मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए अपनी अलग मेरिट लिस्ट बनाकर एडमिशन दे सकते हैं। यह फैसला दिल्ली के निजी प्रोफेशनल कॉलेजों में एडमिशन के लिए काफी अहम माना जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच ने कहा कि नियम 8(2)(a)(v), दिल्ली प्रोफेशनल कॉलेज या इंस्टीट्यूशन एक्ट, 2007 के मुताबिक है। यह कानून के किसी हिस्से के खिलाफ नहीं है। कोर्ट ने माना कि एक्ट के तहत 90 प्रतिशत सीटें सरकारी एजेंसी की सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से भरी जाती हैं। वहीं मैनेजमेंट कोटा की 10 प्रतिशत सीटें कॉलेज खुद CET पास छात्रों में से भर सकते हैं।

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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: प्राइवेट कॉलेज मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए बना सकेंगे अलग मेरिट लिस्ट (Image - chatgpt)

यह मामला जस्टिस फॉर ऑल संस्था की जनहित याचिका के जरिए कोर्ट पहुंचा था। याचिका में नियम 8(2)(a)(v) और सत्र 2026-27 के एडमिशन ब्रोशर को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह नियम एक्ट की धारा 2(d) के खिलाफ है। उनके मुताबिक CET की परिभाषा में सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग शामिल होनी चाहिए। इसलिए मैनेजमेंट कोटा के लिए अलग प्रक्रिया गलत है।

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