Current Affairs Today in Hindi: अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को 8 अक्टूबर 2024 को सिनेमा के क्षेत्र में सरकार का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां विज्ञान भवन में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान ‘मृगया’, ‘डिस्को डांसर’ और ‘प्रेम प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके चक्रवर्ती को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार मिला
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच चक्रवर्ती (74) ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मैं आपके आशीर्वाद से एक बार फिर इस मंच पर आया हूं। मुझे कोई भी चीज थाली में परोस कर नहीं मिली, मैंने बहुत संघर्ष किया। लेकिन आज, यह पुरस्कार प्राप्त करने के बाद, मैंने शिकायत करना बंद कर दिया है। भगवान का शुक्र है, आपने ब्याज सहित मुझे सब कुछ वापस दे दिया।’’
सपने को सोने मत दीजिए
उन्होंने भारत भर में उभरती प्रतिभाओं के लिए भी कुछ सुझाव साझा किए। अभिनेता ने कहा, ‘‘हमारे देश में कई प्रतिभाशाली लोग हैं, लेकिन उनके पास पैसा नहीं है। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि आपके पास पैसा नहीं हो, लेकिन उम्मीद मत खोइए। सपने देखते रहिए। सोइए लेकिन अपने सपनों को सोने मत दीजिए।’’
मिथुन चक्रवर्ती का असली नाम
चक्रवर्ती का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। उन्हें वर्ष 2022 के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य चक्रवर्ती को तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के कुछ महीने बाद मिला है।
एफटीआईआई के छात्र हैं मिथुन
अभिनेता पुणे के भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के पूर्व छात्र हैं। मिथुन ने मुख्य रूप से हिंदी और बांग्ला सिनेमा में काम किया है। मृणाल सेन की 1976 में आई फिल्म ‘मृगया’ से चक्रवर्ती ने फिल्मों में अभिनय की शुरुआत की थी जिसके लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता था। उन्होंने 1992 की फिल्म ‘तहादेर कथा’ (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और 1998 की फिल्म ‘स्वामी विवेकानंद’ (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) के लिए भी दो और राष्ट्रीय पुरस्कार जीते।
(भाषा इनपुट के साथ)
