मजाक बनकर रह गया CBSE रिवैल्यूएशन प्रोसेस, ग्रेस मार्क्स और डेट आगे बढ़ाने की उठी मांग, लिंक अभी भी इनएक्टिव

CBSE रिवैल्यूएशन लिंक अभी भी इनएक्टिव है। छात्र रीचेकिंग और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। तकनीकी दिक्कतों के चलते सीबीएसई रिवैल्यूशन प्रोसेस पूरी तरह से मजाक बन गया है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के परिणामों जारी करने के बाद शुरू हुई रीचेकिंग और रिवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। परीक्षा मे प्राप्त अंकों से असंतुष्ट छात्रों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि रिवैल्यूएशन विंडो अभी भी नहीं खुल पाई है। पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण हजारों छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका फ्यूचर दांव पर लग गया है। इस बीच छात्र और अभिभावकों में आक्रोश देखने को मिल रहा है और छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बोर्ड के खिलाफ बच्चों ने मोर्चा खोल दिया है।

CBSE

CBSE

रिवैल्यूएशन विंडो पर तकनीकी खराबी बरकरार

सीबीएसई द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार रिवैल्यूएशन (CBSE Revaluation) की विंडो 19 मई को ही खुल गई थी। लेकिन विंडो खुलने के बाद से ही छात्र टेक्निकल दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। बीच में कई बार ऐसा हुआ कि 'Click to Apply' का ऑप्शन आया और फिर हटा दिया गया। इससे छात्रों कि चिंता और बढ़ गई। अभी भी छात्र पोर्टल पर लॉगिन करने और फॉर्म सबमिट करने में असमर्थ हैं। वेबसाइट पर लगातार आ रहे एरर और धीमे सर्वर के कारण छात्र घंटों कंप्यूटर के सामने बैठने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत उन छात्रों को आ रही है जिनकी फीस बैंक खाते से कट गई है, लेकिन पोर्टल पर स्टेटस अब भी 'फेल्ड' दिख रहा है। ऐसे में छात्र असमंजस में हैं कि वे दोबारा भुगतान करें या इंतजार करें।

End of Feed