CBSE का पोर्टल क्रैश-सर्वर डाउन, मार्किंग स्कीम पर बवाल के बाद 'रीचेकिंग और रि-इवेल्यूशन' पर सवाल, बायकॉट की उठी मांग

CBSE Portal Crashes Server Down Questions over Rechecking and Re evaluation: पहले ऑन स्क्रीन मार्किंग मूल्यांकन ने लाखों बच्चों को झटका दिया… अब पुनर्मूल्यांकन पोर्टल भी बार-बार क्रैश हो रहा है। छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं देखना चाहते हैं, अपने नंबर जांचना चाहते हैं, लेकिन सीबीएसई का सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर #BoycottCBSE ट्रेंड शुरू हो गया है।

CBSE Portal Crashes Server Down Questions over Rechecking and Re evaluation: देश का एजुकेशन सिस्टम इस समय सवालों के घेरे में है। एक तरफ नीट यूजी पेपर लीक को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की ओर से रोज छात्रों को नई टेंशन दी जा रही है। 13 मई को सीबीएसई इंटर का रिजल्ट जारी हुआ, उसके तुरंत बाद नई मार्किंग स्कीम पर बहस छिड़ गई। हजारों छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपने नंबरों को लेकर सवाल उठाए। सबसे ज्यादा नाराजगी साइंस स्ट्रीम के छात्रों में दिखी, खासकर गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान जैसे विषयों को लेकर। कई छात्रों का कहना था कि उन्होंने अच्छे जवाब लिखे थे लेकिन उम्मीद से बहुत कम अंक मिले। कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि जेईई मेन में 95 या 99 परसेंटाइल तक लाने वाले विद्यार्थियों को भी बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से कम अंक मिले। इसके बाद पहली बार लागू हुई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे। छात्रों का कहना है कि कॉपियों की स्कैन क्वालिटी खराब होने से मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।

CBSE Portal Crashes Server Down: रीचेकिंग और रि-इवेल्यूशन पर उठे सवाल?

CBSE Portal Crashes Server Down: रीचेकिंग और रि-इवेल्यूशन पर उठे सवाल?

हालांकि सीबीएसई की ओर से सफाई दी गई कि 12वीं क्लास में लागू की गई ऑन स्क्रीन मार्किंग स्कीम में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। बल्कि सब कुछ पारदर्शी और पहले से बेहतर हुआ है। हालांकि जब छात्रों के सवाल नहीं रुके तो बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई डिजिटल कॉपियां प्राप्त करने और कॉपियों की दोबारा जांच कराने का विकल्प दे दिया। 19 मई से सीबीएसई ने ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर आवेदन का लिंक एक्टिव किया और 30 मिनट के भीतर यह लिंक क्रैश हो गया। ऐसे में 18 लाख छात्र अगर डिजिटल कॉपियां प्राप्त करने और कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन करना चाहें तो कैसे कर पाएंगे।

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