CBSE: बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर इस समय छात्रों और अभिभावकों में बड़ी चिंता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें छात्र दावा कर रहे हैं कि उनकी सप्लीमेंट्री कॉपियां मूल्यांकन के दौरान गायब हो गईं या जांच में शामिल ही नहीं की गईं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने मुख्य उत्तर पुस्तिका के साथ अतिरिक्त सप्लीमेंट्री कॉपी ली थी, लेकिन स्कैन की गई कॉपी या दिखाई गई उत्तर पुस्तिका में वह सप्लीमेंट्री मौजूद नहीं है। ऐसे में जिन प्रश्नों के उत्तर सप्लीमेंट्री में लिखे गए थे, उनके अंक छात्रों को नहीं मिल पाए।
सीबीएसई में अब सप्लीमेंट्री कॉपी गायब होने का नया विवाद
इसी बीच दिल्ली के छात्र हर्ष चौरसिया का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। हर्ष ने पोस्ट कर दावा किया कि उनकी फिजिक्स की सप्लीमेंट्री कॉपी गायब (Missing Supplementary Answer Sheets) है। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के परिणामों और रिवैल्युएशन प्रक्रिया को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई छात्र आरोप लगा रहे हैं कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं में सप्लीमेंट्री कॉपियां गायब हैं, जिसके कारण उन्हें कई प्रश्नों के अंक नहीं मिल पाए। इसी बीच अब CBSE 12th में 84 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले छात्र हर्ष चौरसिया का मामला चर्चा का विषय बन गया है।
8 पन्नों की सप्लीमेंट्री शीट गायब
पढ़ाई में हमेशा शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष का कहना है कि उन्हें फिजिक्स विषय में केवल 73 अंक दिए गए, जबकि उनके अनुसार उनके कम से कम 85 से अधिक अंक आने चाहिए थे। हर्ष ने अपनी उत्तर पुस्तिका देखने के बाद दावा किया कि उनकी फिजिक्स की सप्लीमेंट्री कॉपी जांच में शामिल ही नहीं की गई। उनका कहना है कि मुख्य कॉपी के ऊपर साफ तौर पर लिखा गया है कि उन्होंने एक सप्लीमेंट्री कॉपी ली थी, लेकिन मूल्यांकन के दौरान केवल 32 पन्नों वाली मुख्य कॉपी ही चेक की गई। 8 पन्नों की सप्लीमेंट्री कॉपी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
स्पलीमेंट्री कॉपी से मिल सकते थे 7 से 8 अंक
हर्ष के अनुसार उन्होंने दो महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर उसी सप्लीमेंट्री कॉपी में लिखे थे। उनका मानना है कि यदि वह कॉपी जांची जाती तो उन्हें कम से कम 7 से 8 अंक और मिल सकते थे। छात्र ने बताया कि उन्होंने 20 तारीख को उत्तर पुस्तिका देखने के लिए फीस जमा की थी, लेकिन करीब पांच दिन बाद उन्हें कॉपी उपलब्ध कराई गई। कॉपी देखने के बाद उन्हें कई ऐसे प्रश्न भी मिले, जहां उत्तर सही होने के बावजूद अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं।
जेईई मेंन में किया बेहतरीन प्रदर्शन
अब हर्ष रिचेकिंग और आगे की प्रक्रिया के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं। हर्ष केवल बोर्ड परीक्षा में ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने जेईई मेन्स परीक्षा में 88 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं और जेईई एडवांस परीक्षा भी दे चुके हैं। एडवांस का परिणाम अभी आना बाकी है उनका कहना है कि मुख्य कॉपी पर साफ लिखा हुआ है कि उन्होंने सप्लीमेंट्री ली थी, लेकिन जांच में केवल मेन कॉपी दिखाई गई। हर्ष के अनुसार दो महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सप्लीमेंट्री में थे, जिससे उनके अंक कम हो गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई एजुकेशन एक्सपर्ट्स और छात्र लगातार ऐसे मामलों को साझा कर रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में आरोप लगाया गया है कि सप्लीमेंट्री कॉपियां स्कैनिंग के दौरान गायब हो गई।
सही उत्तर लिखने के बावजूद अंक नहीं मिले
कुछ पन्नों पर केवल “देखा गया” का निशान लगाया गया। कई छात्रों को अधूरी उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई गई है। इस पर छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि सप्लीमेंट्री कॉपियां सही तरीके से अटैच या स्कैन नहीं हुईं, तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है। विशेष रूप से उन छात्रों के लिए यह चिंता और बढ़ जाती है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और हर अंक उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड को सप्लीमेंट्री कॉपियों की ट्रैकिंग और स्कैनिंग प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की जरूरत है, ताकि किसी भी छात्र की मेहनत मूल्यांकन की लापरवाही में दब न जाए। अब सोशल मीडिया पर यह मांग तेज हो रही है कि सीबीएसई ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करे और जिन छात्रों की सप्लीमेंट्री कॉपियां गायब हुई हैं, उन्हें निष्पक्ष तरीके से दोबारा मूल्यांकन का मौका दिया जाए।
