CBSE NEWS:एक सूत्र ने बताया, "पोर्टल पर कुछ लोगों ने अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली। पेमेंट गेटवे एचडीएफसी से संबंधित था... लगभग 50 बच्चें प्रभावित हुए।" सूत्रों के अनुसार, इस समस्या के कारण पोर्टल पर शुल्क की राशि असामान्य दिखाई देने लगी और कई मामलों में देय राशि लगभग एक रुपये से लेकर लगभग 67,000-68,000 रुपये तक घटती-बढ़ती रही।
फिर चर्चा में CBSE, आधिकारिक पोर्टल पर साइबर हमले की जानकारी (image - chatgpt)
सूत्र ने बताया, "मुझे लगता है कि मजाक में या दुर्भावनापूर्ण इरादे से यह किया गया, शुल्क की राशि कभी एक रुपये तो कभी 67-68,000 रुपये दिखाई गई। इस तरह लगभग 50 बच्चे ऐसे थे जिनके मामलों में राशि बदल गई थी।" यह गड़बड़ी सिस्टम से जुड़े एचडीएफसी के भुगतान गेटवे से संबंधित थी और तब हुई जब पोर्टल 'लाइव' हुआ।
डेटा हुआ प्रभावित
सूत्र ने कहा, "मुझे लगता है कि पोर्टल काफी समय तक काम नहीं कर रहा था। राशि को लेकर कुछ समस्याएं थीं, जिसमें लगभग 50 बच्चों का डेटा प्रभावित हुआ, और हैकर्स ने सिस्टम में हेरफेर किया।" चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों भारतीय स्टेट बैंक, कैनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को भी अतिरिक्त भुगतान गेटवे के रूप में एकीकृत किया गया है।
सूत्र ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के विशेषज्ञ और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्रणाली की जांच कर रहे हैं तथा पोर्टल और भुगतान गेटवे के एकीकरण को और मजबूत बनाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा, "टीमें कोड और प्रणाली की समीक्षा कर रही हैं ताकि इसे निर्बाध और तकनीकी खामियों से मुक्त बनाया जा सके।"
1 जून से शुरू हो रहा रिवैल्यूएशन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 24 मई को सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को भुगतान तथा तकनीकी समस्याओं का सामना करने के मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ चर्चा की। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले उल्लेखित चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सीबीएसई की भुगतान गेटवे अवसंरचना को मजबूत करने और परीक्षा-उपरांत पोर्टल के साथ आवश्यक एकीकरण में सहायता करेंगे।
सूत्र ने कहा, ’’इसलिए इन बैंकों के भुगतान गेटवे को सीबीएसई के पोर्टल के साथ एकीकृत (सिंक) कर दिया गया है। मुझे लगता है कि कल इसका परीक्षण किया गया था और हमें लगा कि यह ठीक से काम कर रहा है।’’
भाषा इनपुट के साथ
