कॉपी चेकिंग विवाद को लेकर सीबीएसई ने बदला नियम, 100 रुपये में आंसर शीट देख सकेंगे स्टूडेंट्स
बता दें कि CBSE 12वीं के रिजल्ट में इस बार आई बड़ी गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या नई मार्किंग स्कीम छात्रों के कम नंबरों की वजह बनी? कई शिक्षा विशेषज्ञ और छात्र मान रहे हैं कि इस बार लागू हुई नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी On-Screen Marking (OSM) का असर रिजल्ट पर साफ दिखाई दिया। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नई मार्किंग स्कीम का उद्देश्य अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन करना था। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में छात्रों को अपेक्षाकृत उदार अंक दिए जा रहे थे, जबकि इस बार “वास्तविक प्रदर्शन” के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
बीते 6 साल में कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट
2026: 85.20%
2025: 88.39%
2024: 87.98%
2023: 87.33%
2022: 92.71%
2021: 99.37%
सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी छात्रों ने कम नंबर आने को लेकर नाराजगी जताई। कई छात्रों का दावा है कि उन्हें उम्मीद से 10-15% तक कम अंक मिले। कुछ छात्रों ने OSM सिस्टम में तकनीकी खामियों की आशंका भी जताई, जैसे हल्के डायग्राम या स्टेप्स स्कैन में ठीक से दिखाई न देना। हालांकि CBSE की ओर से अभी तक किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। X पर एक यूजर ने शिकायत करते हुए बताया कि JEE Main 2026 परीक्षा में उसने 98.58 परसेंटाइल स्कोर किया, जबकि CBSE Physics की परीक्षा में उसे सिर्फ 28 अंक ही मिले। इस साल के नतीजों के बाद, छात्रों ने बोर्ड द्वारा इस्तेमाल की गई मूल्यांकन प्रणाली पर चिंता जताई है। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या यह सवाल उठा रही है कि क्या OSM प्रणाली ने के चलते स्कोर कम हुआ है, खासकर भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे मुख्य विज्ञान विषयों में।
सीबीएसई ने 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अपनी मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में कम अंक आने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। इसके बा द CBSE ने स्पष्ट किया कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है। बोर्ड ने कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को छात्रों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: ओएसएम को लेकर दी जानकारी
स्क्रेटरी संजय कुमार की तरफ से OSM को लेकर जानकारी दी गई कि ऐसा पहली बार नहीं है कि मार्किंग इस तरह से की गई हो। इसे साल 2014 में शुरू किया गया था लेकिन तब तत्काल लागू नहीं किया जा सका।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: क्या बोले छात्र ?
एक छात्र ने लिखा, 'मुझे फिजिक्स में 85 से ज्यादा नंबर मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मुझे सिर्फ 55 ही मिले। मेरे माता-पिता, टीचर, हर कोई रिजल्ट देखकर हैरान रह गया।' इसी तरह के रिएक्शन्स कई और छात्रों ने भी ऑनलाइन शेयर किए।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: री चेकिंग का प्रोसेस समझेंं
CBSE class 12 evaluation issues LIVE:सीबीएसई के नियमों के अनुसार, छात्र जितने चाहें उतने सब्जेक्ट्स में री-चेकिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन हर सब्जेक्ट के लिए उन्हें अलग फीस देनी होगी। अगर किसी छात्र को 3 विषयों के नंबर्स पर डाउट है तो वे तीनों में री चेकिंग के लिए अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि, इसमें बोर्ड द्वारा तय समय सीमा और प्रोसेस का पालन करना जरूरी होता है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई की OSM प्रक्रिया के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया के खिलाफ कुछ छात्र National War Memorial के बाहर इकट्ठा हुए और फ्री री-चेकिंग की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 7-8 छात्रों को डिटेन कर लिया। इतना ही नहीं छात्रों के पोस्टर और बैनर भी पुलिस ने जब्त कर लिए।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: CBSe 12 वी के रिजल्ट्स के बाद बड़ी घोषणा
CBSe 12 वी के रिजल्ट्स के बाद बड़ी घोषणाRevaluation के लिए बच्चे अप्लाई कर सकते है। 100 रुपए की राशि लेकर बच्चे अपने आंसर शीट देख सकते है। अगर मार्क्स बढ़ जाते है तो राशि वापस कर दी जाएगी।
पहले 700 रुपए लगते थे आंसर शीट देखने के लिए।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: बच्चे करवा सकते हैं रीचेकिंग
Re- Evaluation का प्रावधान हमेशा से CBSE में रहा है। बच्चे करा सकते है। हम चेक करेंगे पारदर्शिता के साथ फिर से....बच्चों की पेरेंट्स की चिंता हम समझते है।सीबीएसई अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में क्या कहा
विद्यालय शिक्षा सचिव संजय कुमार और सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह कक्षा 12 के छात्रों द्वारा उठाए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग संबंधी मुद्दों पर जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में बहुत बेचैनी है परेशानी है OSM को लेकर। पास परसेंटेज घटा है ऐसा बच्चो को लग रहा है। हम स्पष्ट करना चाहेंगेयह पहली बार नहीं है 2014 में OSM की शुरुआत किया था य़ इस साल फिर से हमने इंट्रोड्यूस किया है OSM विदेशोव में भी technology के मध्यम से किया जाता है, बहुत जगहों पर इस तरह की मार्किंग होती है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ने ट्वीट कर दी थी सफाई
CBSE class 12 evaluation issues LIVE हालांकि बीते दिनों CBSE ने स्पष्ट किया कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है। बोर्ड ने ट्वीट कर कहा कि वह निष्पक्ष, न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। CBSE के मुताबिक, बोर्ड की सभी मूल्यांकन प्रक्रियाएं मजबूत और पारदर्शी नियमों के तहत संचालित की जाती हैं ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें। बोर्ड के अनुसार, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए परीक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप मार्किंग करनी होती है, जिससे हर उत्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। CBSE ने कहा कि यह प्रणाली लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और इससे अलग-अलग क्षेत्रों तथा विषयों में अंक देने की प्रक्रिया अधिक वस्तुनिष्ठ बनी है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: छात्र अपने मार्क्स से असंतुष्ट
ज्यादातर छात्र अपने मार्क्स से असंतुष्ट हैं। इतना ही नहीं पिछले 6 साल में सीबीएसई बोर्ड 12वीं का रिजल्ट सबसे कम दर्ज किया गया है। बता दें वर्ष 2021 में पास पर्सेंटेज 99.37%, 2022 में 92.71 फीसदी, 2023 में 87.33%, 2024 में 87.98%, 2025 में 88.39 फीसदी और 2026 पास प्रतिशत 85.20 पर्सेंट दर्ज किया गया है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई की दो प्रेस कांफ्रेंस
CBSE class 12 evaluation issues LIVE बता दें पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस सुबह 11 बजे Central Board of Secondary Education के द्वारका स्थित मुख्यालय में होगी, जबकि दूसरी दोपहर 12:30 बजे Ministry of Education में होगी, जिसमें शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार मीडिया को संबोधित करेंगे।बीते 6 साल में कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट
- 2026: 85.20%
- 2025: 88.39%
- 2024: 87.98%
- 2023: 87.33%
- 2022: 92.71%
- 2021: 99.37%
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं की गई चेक
इस साल CBSE ने 12th बोर्ड कॉपियों की डिजिटल जांच शुरू की, जिसमें लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक की गईं। बोर्ड का कहना है कि इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी, लेकिन कुछ परीक्षकों ने तकनीकी दिक्कतों की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार सिस्टम में दिए गए नंबर सही तरीके से दर्ज नहीं हो रहे थे। इसी बीच 12वीं का पास प्रतिशत भी पिछले साल 88.39% से घटकर 85.20% हो गया और कंपार्टमेंट वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE:छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है
सीबीएसई के 12वीं के रिजल्ट आने के बाद कई छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया है कि इस बार कॉपियों की जांच में नई डिजिटल प्रणाली “ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM)” की वजह से उन्हें उम्मीद से कम नंबर मिले हैं।छात्रों का कहना है कि उन्होंने अच्छे पेपर किए थे और 90-95% तक की उम्मीद थी, लेकिन रिजल्ट काफी कम आया। सोशल मीडिया पर भी कई स्टूडेंट्स ने अपनी मार्कशीट शेयर कर नाराजगी जताई।
दरअसल, इस साल CBSE ने 12th बोर्ड कॉपियों की डिजिटल जांच शुरू की, जिसमें लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक की गईं।
बोर्ड का कहना है कि इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी, लेकिन कुछ परीक्षकों ने तकनीकी दिक्कतों की बात कही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार सिस्टम में दिए गए नंबर सही तरीके से दर्ज नहीं हो रहे थे। इसी बीच 12वीं का पास प्रतिशत भी पिछले साल 88.39% से घटकर 85.20% हो गया और कंपार्टमेंट वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग स्कीम को लेकर प्रेस कांफ्रेंस
सीबीएसई के OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) विवाद और 12वीं के रिजल्ट को लेकर आज दो अहम प्रेस ब्रीफिंग हो रही हैं। पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस सुबह 11 बजे Central Board of Secondary Education के द्वारका स्थित मुख्यालय में होगी, जबकि दूसरी दोपहर 12:30 बजे Ministry of Education में होगी, जिसमें शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार मीडिया को संबोधित करेंगे।इन बैठकों में OSM सिस्टम, कॉपियों की जांच प्रक्रिया, कम नंबरों को लेकर छात्रों की शिकायतें और CBSE से जुड़े मौजूदा विवादों पर सफाई और जानकारी दिए जाने की संभावना है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: क्या है ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम एक डिजिटल मूल्यांकन तरीका है, जिसमें जांची जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की मैन्युअल जांच की जगह उनकी स्कैन की गई प्रतियों का मूल्यांकन परीक्षकों द्वारा एक कंप्यूटर-आधारित प्लेटफॉर्म पर किया जाता है। छात्र इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि OSM प्रक्रिया शुरू करने से पहले मूल्यांकनकर्ताओं को वास्तव में कितनी ट्रेनिंग दी गई थी।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: कोचिंग संस्थानों ने उठाई आवाज
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: जेईई में नंबर लेकिन CBSE में नहीं
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: टीचर्स ने उठाई आवाज
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ने दी सफाई
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ने दी सफाई
सीबीएसई ने 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अपनी मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में कम अंक आने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। इसके बा द CBSE ने स्पष्ट किया कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है। बोर्ड ने कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को छात्रों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: टीचर्स के प्रशिक्षण पर भी सवाल
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: टाइमिंग को लेकर उठ रहे सवाल
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: फीस माफ करने की मांग
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: नंबर कम आने का दावा
X पर एक यूजर ने शिकायत करते हुए बताया कि JEE Main 2026 परीक्षा में उसने 98.58 परसेंटाइल स्कोर किया, जबकि CBSE Physics की परीक्षा में उसे सिर्फ 28 अंक ही मिले। इस साल के नतीजों के बाद, छात्रों ने बोर्ड द्वारा इस्तेमाल की गई मूल्यांकन प्रणाली पर चिंता जताई है। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या यह सवाल उठा रही है कि क्या OSM प्रणाली ने के चलते स्कोर कम हुआ है, खासकर भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे मुख्य विज्ञान विषयों में।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: कम नंबर आने पर स्टूडेंट और टीचर्स ने उठाई आवाज
सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी छात्रों ने कम नंबर आने को लेकर नाराजगी जताई। कई छात्रों का दावा है कि उन्हें उम्मीद से 10-15% तक कम अंक मिले। कुछ छात्रों ने OSM सिस्टम में तकनीकी खामियों की आशंका भी जताई, जैसे हल्के डायग्राम या स्टेप्स स्कैन में ठीक से दिखाई न देना। हालांकि CBSE की ओर से अभी तक किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई की नई मार्किंग स्कीम क्या है
CBSE 12वीं में पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल स्क्रीन पर कॉपियों की जांच की गई, जिसमें परीक्षक स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को ऑनलाइन चेक कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि नई प्रणाली में स्टेप मार्किंग और प्रजेंटेशन के बजाय सीधे उत्तर की गुणवत्ता पर ज्यादा फोकस किया गया। इसके अलावा CBSE ने इस बार competency-based और analytical questions की संख्या भी बढ़ाई थी। इससे रटकर पढ़ने वाले छात्रों को नुकसान हुआ। कई स्कूल प्रिंसिपलों ने भी माना कि Physics और Mathematics जैसे विषयों में पेपर अपेक्षा से ज्यादा कठिन थे। जब यह पेपर हुए थे तब भी इस पर काफी बहस हुई थी।बीते 6 साल में कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट
2026: 85.20%2025: 88.39%
2024: 87.98%
2023: 87.33%
2022: 92.71%
2021: 99.37%
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई 12वीं की नई मार्किंग स्कीम पर बहस
बता दें कि CBSE 12वीं के रिजल्ट में इस बार आई बड़ी गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या नई मार्किंग स्कीम छात्रों के कम नंबरों की वजह बनी? कई शिक्षा विशेषज्ञ और छात्र मान रहे हैं कि इस बार लागू हुई नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी On-Screen Marking (OSM) का असर रिजल्ट पर साफ दिखाई दिया। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नई मार्किंग स्कीम का उद्देश्य अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन करना था। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में छात्रों को अपेक्षाकृत उदार अंक दिए जा रहे थे, जबकि इस बार “वास्तविक प्रदर्शन” के आधार पर मूल्यांकन किया गया।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: गिर गया सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट
इस बार कुल पास प्रतिशत 85.20 फीसदी दर्ज किया गया है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है। रिजल्ट सामने आने के बाद शिक्षा जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाया, जिसका असर सीधे रिजल्ट पर दिखाई दिया।CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई 120ीं के नतीजे
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। 13 मई को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इंटर के नतीजे जारी कर दिए और इसी के साथ 18 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। इस बार सीबीएसई 12वीं में 85.20% प्रतिशत छात्र छात्राएं पास हुए हैं और एक बार फिर बेटियों ने बाजी मारी है। इस बार 12वीं में कुल 18,57,517 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 17,68,968 स्टूडेंट्स को सफलता मिली है। छात्राओं का पास प्रतिशत 88.86% रहा है, जबकि 82.13% छात्र सफल हुए हैं।MPHC Assistant Grade 3 Exam Date: घोषित हुई मध्य प्रदेश जिला न्यायालय असिस्टेंट ग्रेड 3 परीक्षा की तारीख, mphc.gov.in पर चेक करें शेड्यूल
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