कॉपी चेकिंग विवाद को लेकर सीबीएसई ने बदला नियम, 100 रुपये में आंसर शीट देख सकेंगे स्टूडेंट्स
13 मई को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इंटर के नतीजे जारी कर दिए और इसी के साथ 18 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। इस बार सीबीएसई 12वीं में 85.20% प्रतिशत छात्र छात्राएं पास हुए हैं। जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है। रिजल्ट सामने आने के बाद शिक्षा जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सीबीएसई 2026 का रिजल्ट बीते छह साल में सबसे कम रहा है। इसके बाद सोशल मीडियर पर नई मार्किंग स्कीम को लेकर बहस शुरू हो गई है।
13 मई को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इंटर के नतीजे जारी कर दिए और इसी के साथ 18 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। इस बार सीबीएसई 12वीं में 85.20% प्रतिशत छात्र छात्राएं पास हुए हैं। जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है। रिजल्ट सामने आने के बाद शिक्षा जगत में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सीबीएसई 2026 का रिजल्ट बीते छह साल में सबसे कम रहा है। इसके बाद सोशल मीडियर पर नई मार्किंग स्कीम को लेकर बहस शुरू हो गई है।
बता दें कि CBSE 12वीं के रिजल्ट में इस बार आई बड़ी गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या नई मार्किंग स्कीम छात्रों के कम नंबरों की वजह बनी? कई शिक्षा विशेषज्ञ और छात्र मान रहे हैं कि इस बार लागू हुई नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी On-Screen Marking (OSM) का असर रिजल्ट पर साफ दिखाई दिया। हालांकि शिक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नई मार्किंग स्कीम का उद्देश्य अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन करना था। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में छात्रों को अपेक्षाकृत उदार अंक दिए जा रहे थे, जबकि इस बार “वास्तविक प्रदर्शन” के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
बीते 6 साल में कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट
2026: 85.20%
2025: 88.39%
2024: 87.98%
2023: 87.33%
2022: 92.71%
2021: 99.37%
सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी छात्रों ने कम नंबर आने को लेकर नाराजगी जताई। कई छात्रों का दावा है कि उन्हें उम्मीद से 10-15% तक कम अंक मिले। कुछ छात्रों ने OSM सिस्टम में तकनीकी खामियों की आशंका भी जताई, जैसे हल्के डायग्राम या स्टेप्स स्कैन में ठीक से दिखाई न देना। हालांकि CBSE की ओर से अभी तक किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। X पर एक यूजर ने शिकायत करते हुए बताया कि JEE Main 2026 परीक्षा में उसने 98.58 परसेंटाइल स्कोर किया, जबकि CBSE Physics की परीक्षा में उसे सिर्फ 28 अंक ही मिले। इस साल के नतीजों के बाद, छात्रों ने बोर्ड द्वारा इस्तेमाल की गई मूल्यांकन प्रणाली पर चिंता जताई है। उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या यह सवाल उठा रही है कि क्या OSM प्रणाली ने के चलते स्कोर कम हुआ है, खासकर भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे मुख्य विज्ञान विषयों में।
सीबीएसई ने 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच अपनी मूल्यांकन प्रणाली को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। दरअसल, रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ्स जैसे विषयों में कम अंक आने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। इसके बा द CBSE ने स्पष्ट किया कि OSM प्रणाली का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है। बोर्ड ने कहा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को छात्रों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: ओएसएम को लेकर दी जानकारी
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: क्या बोले छात्र ?
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: री चेकिंग का प्रोसेस समझेंं
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई की OSM प्रक्रिया के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: CBSe 12 वी के रिजल्ट्स के बाद बड़ी घोषणा
Revaluation के लिए बच्चे अप्लाई कर सकते है। 100 रुपए की राशि लेकर बच्चे अपने आंसर शीट देख सकते है। अगर मार्क्स बढ़ जाते है तो राशि वापस कर दी जाएगी।
पहले 700 रुपए लगते थे आंसर शीट देखने के लिए।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: बच्चे करवा सकते हैं रीचेकिंग
सीबीएसई अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में क्या कहा
यह पहली बार नहीं है 2014 में OSM की शुरुआत किया था य़ इस साल फिर से हमने इंट्रोड्यूस किया है OSM विदेशोव में भी technology के मध्यम से किया जाता है, बहुत जगहों पर इस तरह की मार्किंग होती है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ने ट्वीट कर दी थी सफाई
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: छात्र अपने मार्क्स से असंतुष्ट
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई की दो प्रेस कांफ्रेंस
बीते 6 साल में कैसा रहा सीबीएसई का रिजल्ट
- 2026: 85.20%
- 2025: 88.39%
- 2024: 87.98%
- 2023: 87.33%
- 2022: 92.71%
- 2021: 99.37%
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं की गई चेक
CBSE class 12 evaluation issues LIVE:छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है
छात्रों का कहना है कि उन्होंने अच्छे पेपर किए थे और 90-95% तक की उम्मीद थी, लेकिन रिजल्ट काफी कम आया। सोशल मीडिया पर भी कई स्टूडेंट्स ने अपनी मार्कशीट शेयर कर नाराजगी जताई।
दरअसल, इस साल CBSE ने 12th बोर्ड कॉपियों की डिजिटल जांच शुरू की, जिसमें लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक की गईं।
बोर्ड का कहना है कि इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी, लेकिन कुछ परीक्षकों ने तकनीकी दिक्कतों की बात कही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार सिस्टम में दिए गए नंबर सही तरीके से दर्ज नहीं हो रहे थे। इसी बीच 12वीं का पास प्रतिशत भी पिछले साल 88.39% से घटकर 85.20% हो गया और कंपार्टमेंट वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
CBSE class 12 evaluation issues LIVE: सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग स्कीम को लेकर प्रेस कांफ्रेंस
इन बैठकों में OSM सिस्टम, कॉपियों की जांच प्रक्रिया, कम नंबरों को लेकर छात्रों की शिकायतें और CBSE से जुड़े मौजूदा विवादों पर सफाई और जानकारी दिए जाने की संभावना है।
