CBSE: सीबीएसई ने सिलेबस और ग्रेडिंग सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, अब फेल होकर भी मिलेगा पास होने का मौका

CBSE: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अगले सत्र से कक्षा 10वीं के स्टूडेंट्स साल में दो बार परीक्षा दे सकेंगे। पहली परीक्षा का आयोजन फरवरी और दूसरी परीक्षा का आयोजन अप्रैल में किया जाएगा।

CBSE: सीबीएसई के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के सिलेबस में कई बड़े बदलाव किए हैं। इसके साथ ही पूरे सिस्टम में कुछ न कुछ बदलाव किए गए हैं। सीबीएसई ने नए टीचिंग मेथड्स, ग्रेडिंग सिस्टम और प्रैक्टिकल लर्निंग को लेकर भी कई जरूरी घोषणाएं की हैं। बता दें कि ये बदलाव पढ़ाई के तरीकों को बेहतर बनाने और बच्चों को नया हुनर सिखाने के उद्देश्य से किया गया है।

CBSE New Syllabus

CBSE New Syllabus

सीबीएसई ने नए सिलेबस को सात मुख्य भागों में बांटा है: भाषाएं, ह्यूमेनिटीज, मैथ्स , साइंस, स्किल विषय, जनरल स्टडीज और हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन। वहीं, 12वीं में भी प्रैक्टिकल और वोकेशन स्किल्स के लिए लैंड ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएट, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर और डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन जैसे विषयों को जोड़ा गया है। इससे स्टूडेंट्स किताबी ज्ञान के साथ ही नए स्किल्स भी सीखेंगे। इसके अलावा बोर्ड ने ग्रेडिंग सिस्टम को बदलकर 9 पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम कर दिया है। ये सिस्टम 10वीं और 12वीं के रिजस्ट में लागू होगा। इस ग्रेडिंग सिस्टम के अंतर्गत परीक्षा में मिले अंकों को अधिक प्रभावी ढ़ंग से ग्रेड में परिवर्तित किया जा सकेगा।

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