BPSC Topper Shraddha Pandey Assistant Commissioner Motivational story: बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा का आयोजन 25 से 30 अप्रैल 2025 तक पटना के 32 केंद्रों पर किया गया था। इसमें कुल 20,034 उम्मीदवार शामिल हुए थे। मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को आया था, जिसमें 5,401 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर उत्तर प्रदेश की बेटी श्रद्धा पांडेय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में इतिहास रच दिया है। किसान परिवार से आने वाली श्रद्धा ने परीक्षा में पहला स्थान हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। बीपीएससी द्वारा घोषित अंतिम परिणाम में श्रद्धा पांडेय ने 593 अंकों के साथ टॉप किया है।
यूपी में Asst. कमिश्नर श्रद्धा पांडेय अब बिहार में बनेंगी SDM
बीपीएससी 70वीं परीक्षा को राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू जैसे कई कठिन चरणों को पार करना होता है। हजारों उम्मीदवारों के बीच शीर्ष स्थान हासिल करना श्रद्धा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली श्रद्धा पांडेय का सफर संघर्ष और मेहनत से भरा रहा है। सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ीं श्रद्धा ने बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। उनके पिता खेती-किसानी से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
श्रद्धा ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। कठिन प्रतिस्पर्धा और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पढ़ाई के प्रति अनुशासन, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं और अब बीपीएससी में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर (SDM) के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। श्रद्धा पांडेय प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र स्थित पचरास गांव की रहने वाली हैं। फिलहाल वह लखनऊ में पोस्टेड हैं।
कैसा है परिवार
श्रद्धा के पिता संतोष पांडेय वकील होने के साथ किसान भी हैं। मां सुनीता पांडेय हाउस वाइफ हैं। परिवार में दादा शिव नारायण पांडेय और दादी उर्मिला पांडेय भी हैं। श्रद्धा की दो बहनें और एक भाई हैं। उनकी बहन तान्या पांडेय एमए कर रही हैं। भाई अभिषेक पांडेय बीए के छात्र हैं।
कहां से हासिल की शिक्षा
पिता संतोष पांडेय ने बताया- श्रद्धा की शुरुआती पढ़ाई मनीष मेमोरियल स्कूल, रानीगंज से हुई थी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई संगम इंटरनेशनल स्कूल से की। ग्रेजुएशन स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय से किया है। किसान की बेटी से बीपीएससी टॉपर और अब डिप्टी कलेक्टर बनने तक का यह सफर देशभर के प्रतियोगी छात्रों के लिए एक मिसाल बन गया है। श्रद्धा की सफलता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
