बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दावों पर अभ्यर्थियों को सावधान किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों के कट-ऑफ के बराबर अंक होने के बावजूद चयन नहीं होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में किसी भी अभ्यर्थी ने आयोग के सामने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
आयोग ने बताया कि अंतिम परिणाम जारी करते समय टाई-ब्रेकर के नियमों को स्पष्ट रूप से लागू किया गया था। इन नियमों के अनुसार, यदि दो या अधिक अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो पहले लिखित परीक्षा के अंकों को देखा जाता है। इसके बाद निबंध के प्राप्तांक और फिर भी अंक समान रहने पर जन्मतिथि के आधार पर वरीयता तय की जाती है।
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क्या है टाई-ब्रेकर का नियम
BPSC ने कहा कि टाई-ब्रेकर के इन नियमों को लागू करने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को किसी तरह की परेशानी, अन्याय या असुविधा नहीं होनी चाहिए। हालांकि, अगर किसी अभ्यर्थी को लगता है कि उसका परिणाम टाई-ब्रेकर के नियमों के अनुसार घोषित नहीं हुआ है, तो वह परीक्षा परिणाम की दूसरी कंडिका में दिए गए प्रावधान को देख सकता है।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे साजिशपूर्ण, खोखले और निराधार दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। साथ ही, उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल BPSC की आधिकारिक वेबसाइट और आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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