Bihar Teacher Recruitment: बिहार प्राथमिक शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। पटना हाईकोर्ट ने बिहार शिक्षक भर्ती के छठे चरण में चयनित प्राथमिक शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार, शिक्षक नियोजन के छठे चरण में कक्षा 1 से 5 में जो बीएड धारक शिक्षक नियुक्त हुए थे, उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग डीएलएड होंगे, वही प्राथमिक शिक्षक बन सकते हैं।बीएड डिग्री धारक शिक्षकों की जगह अब नए शिक्षकों का चयन किया जाएगा।
Bihar Teacher Recruitment
डीएलएड शिक्षकों की होगी नियुक्ति
चीफ जस्टिस के वी चंद्रन व जस्टिस राजीव रॉय की खंडपीठ ने यह साफ कर दिया है कि प्राइमरी कक्षाओं के लिए बीएड डिग्रीधारक शिक्षकों को नहीं नियुक्त किया जाएगा। प्राथमिक कक्षाओं में केवल डीएलएड शिक्षकों की ही नियुक्ति होगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद पिछले दो साल से शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे लगभग 22 हजार शिक्षकों को सेवामुक्त होना पड़ेगा।
नहीं हुआ ब्रिज कोर्स
दरअसल, 2022 में शिक्षक भर्ती के छठे चरण में 42 हजार शिक्षकों को नियुक्त किया गया था। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के 22 हजार शिक्षकों की बहाली की गई थी। सरकार द्वारा इन शिक्षकों को बहाली के दो साल के अंदर ब्रिज कोर्स करवाना था। हालांकि, बिहार सरकार ने इसे अब तक नहीं करवाया है।बीएड बनाम बीटीसी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बीएड बनाम बीटीसी मामले में कहा था कि बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थी कक्षा 1 से 5 तक के प्राइमरी शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के योग्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार शिक्षक भर्ती और केंद्रीय विद्यालय शिक्षक भर्ती से प्राइमरी लेवल से बीएड डिग्रीधारक बाहर हो गए थे।
