AKTU Result 2026: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ ने सम सेमेस्टर परीक्षा 2025-26 के बाद 30 से अधिक संबद्ध कॉलेजों की बड़ी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि कई संस्थान प्रैक्टिकल परीक्षाओं से संबंधित अनिवार्य रिकॉर्ड (जैसे जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और उत्तर पुस्तिकाएं) प्रस्तुत करने में विफल रहे। छात्रों के करियर और परिणाम को ध्यान में रखते हुए AKTU प्रशासन ने इन कॉलेजों में दोबारा प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।
इसके अलावा, विश्वविद्यालय 1 सितंबर 2026 से प्रदेश भर के 5 लाख से अधिक छात्रों के लिए "फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम" (Faceless Student System) की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे शिकायतों के समाधान के लिए लखनऊ मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मई-जून में हुई थीं परीक्षाएं, बी.फार्मा कॉलेजों में सबसे ज्यादा लापरवाही
AKTU की सम सेमेस्टर परीक्षाएं 7 मई से 11 जून 2026 के बीच आयोजित की गई थीं। नियमानुसार प्रैक्टिकल परीक्षाएं जून में पूरी कराकर उनके अंक एकेटीयू ई-आरपी पोर्टल पर अपलोड किए जाने थे। हालांकि, कई कॉलेजों (विशेष रूप से B.Pharma संस्थानों) ने न तो समय पर अंक अपलोड किए और न ही जियो-टैग्ड फोटो या प्रोजेक्ट रिकॉर्ड जमा कराए।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता से समझौता किए बिना छात्रों के हित में री-प्रैक्टिकल कराया जाएगा। इसके बाद दोषी कॉलेजों के खिलाफ संबद्धता समाप्त करने या वित्तीय जुर्माना लगाने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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1 सितंबर से 'फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम', घर बैठे हल होंगी समस्याएं
उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव के अनुसार, दूर-दराज के जिलों से आने वाले छात्रों को अंकपत्र सुधार, डिग्री, माइग्रेशन या रिजल्ट से जुड़ी शिकायतों के लिए अब लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर आने की जरूरत नहीं होगी।
1 सितंबर से छात्र एकेटीयू के आधिकारिक पोर्टल aktu.ac.in के माध्यम से अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हर शिकायत को संबंधित विभाग में ट्रांसफर किया जाएगा और एक निश्चित समय-सीमा (SLA) के भीतर उसका समाधान कर अपडेट छात्र के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित होगा।
ये भी जानें
यदि आपके सम सेमेस्टर रिजल्ट में प्रैक्टिकल के अंक न जुड़ने के कारण INC या MW प्रदर्शित हो रहा है, तो बिना देरी किए अपने विभागाध्यक्ष (HOD) या परीक्षा प्रभारी से लिखित में स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध करें। री-प्रैक्टिकल का शेड्यूल कॉलेज द्वारा जारी किया जाएगा।
जब आपका कॉलेज दोबारा प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित करे, तो अटेंडेंस शीट पर अपने हस्ताक्षर सुनिश्चित करें और उत्तर पुस्तिका जमा करते समय उसकी रसीद या स्लिप अपने पास सुरक्षित रखें। इसके अलावा, जियो-टैगिंग प्रक्रिया का हिस्सा बनें ताकि भविष्य में रिकॉर्ड गायब होने की स्थिति से बचा जा सके।
1 सितंबर से शुरू हो रही फेसलेस सेवा का लाभ उठाने के लिए छात्रों के पास एकेटीयू ई-आरपी (ERP) क्रेडेंशियल्स होना आवश्यक है। अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर को अपने स्टूडेंट प्रोफाइल में अभी से अपडेट रखें ताकि ओटीपी (OTP) और शिकायत स्थिति (Grievance Status) के नोटिफिकेशन समय पर मिल सकें।
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