लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट में यूपी के गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या ( Sanjeev Jeeva Murder) कर दी गई, उसे कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था जहां उसे गोली मार दी गई, संजीव जीवा को मुख्तार अंसारी ( Mukhtar Ansari) का करीबी माना जाता था जिसकी कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई साथ ही संजीव कई अपराधों में शामिल रहा है, 10 मई 1997 को इसका नाम बीजेपी के बड़े नेता ब्रह्म दत्त द्विवेदी की हत्या में सामने आया था इस मामले में जेल में संजीव जीवा उम्र कैद की सजा काट रहा था।
गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई (फाइल फोटो)
इस गोलीबारी में एक बच्ची और एक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जीवा पश्चिमी यूपी का यह कुख्यात अपराधी था। कृष्णानंद राय की हत्या में भी संजीव का नाम आया। संजीव जीवा पर हमला करने वाले की पहचान हो गई है उसका नाम विजय यादव है वह जौनपुर का रहने वाला है।
कौन था संजीव जीवा (Who is Sanjeev Jeeva)-
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जीवा पर 22 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे, जेल से ही गैंग चलाने के आरोप जीवा पर लगते रहे, संजीव पर कई फिरौती और वसूली के भी केस हैं। संजीव पहले कंपाउंडर का काम करता था वह मुख्तार का राइट हैंड था वहीं संजीव जीवा का नाम कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी नाम आया था।
संजीव जीवा दवाखाने में कंपाउडर की नौकरी करता था
मीडिया रिपोर्टों की मानें तो अपने शुरूआती दिनों में वो एक दवाखाने में कंपाउडर की नौकरी करता था, उस दौरान नौकरी के समय ही इसने दवाखाना के संचालक को अगवा कर लिया था, वहीं इसके अलावा कोलकता में एक कारोबारी के बेटे को भी अगवा कर 2 करोड़ की फिरौती मांगी थी। इसके बाद जीवा हरिद्वार की नाजिम गैंग में घुसा और फिर सतेंद्र बरनाला के साथ जुड़ा। जीवा थोड़े दिनों बाद मुन्ना बजरंगी गैंग का हिस्सा हो गया इसके बाद उसका संपर्क मुख्तार अंसारी से हुआ और उसकी गिनती मुख्तार के खास गुर्गों में होती थी।
ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या मामले में जीवा को उम्रकैद
10 फरवरी 1997 को हुई बीजेपी के कद्दावर नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में जीवा का नाम सामने आया था। जिसमें बाद में जीवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था वहीं हाल ही में प्रशासन द्वारा उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई थी।
