Lucknow Anamika kumar Murder: लखनऊ पुलिस ने एक एजेंट के फोन नंबर वाले फर्जी विजिटिंग कार्ड की मदद से चिनहट में एफसीआई अधिकारी की पत्नी अनामिका कुमार की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन सोनी को गिरफ्तार कर लिया है, जो अपने सहयोगी के साथ लूट का मास्टरमाइंड था। उसने खुद को टेलीकम्युनिकेशन एजेंट के रूप में बताते हुए पीड़ित को संपर्क नंबर के साथ अपना विजिटिंग कार्ड दिया था।पुलिस ने अर्जुन के कबूलनामे के आधार पर इटौंजा के हत्यारे वीरेंद्र यादव की पहचान की, जो पीड़िता के घर में किराएदार के रूप में रह रहा था।
लखनऊ के अनामिका कुमार मर्डर केस में राजफाश
विजिटिंग कार्ड से राजफाश
एडिशनल डीसीपी, ईस्ट जोन, सैयद अली अब्बास ने कहा कि पुलिस को एक दूरसंचार कंपनी के नाम वाला एक विजिटिंग कार्ड मिला है, इसके बाद पुलिस इस मामले को सुलझाने में सफल रही।अधिकारी ने कहा, पुलिस की एक टीम ने इसकी पुष्टि की और पाया कि कार्ड पर नाम वाला कोई भी एजेंट कभी कंपनी में शामिल नहीं हुआ था। इससे संदेह पैदा हुआ और निगरानी के माध्यम से हमने पाया कि अर्जुन ने उस कार्ड पर दिए गए नंबर पर कई बार कॉल किया था।पुलिस ने अर्जुन को उठाया, जिसने कहा कि उसने पैसे के लिए वीरेंद्र के साथ हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि यह केस महकमे के लिए चुनौती बना हुआ था। लगातार तहकीकात के बाद भी आशा की किरण नजर नहीं आ रही थी। लेकिन एक दिन अहम सुराग विजिटिंग कार्ड के रूप में मिला और उसके बाद जांच को आगे बढ़ाई गई और आरोपी तर पहुंचने में कामयाबी मिली।
