जामताड़ा में स्कूली बच्चे बन रहे साइबर क्राइम के मास्टर, 8वीं-10वीं के दो छात्रों ने लोगों से ठगे 50 लाख रुपये

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 20, 2024, 01:50 PM IST

साइबर पुलिस के अनुसार, तीन सालों में कम से कम 100 स्कूली छात्र साइबर क्राइम के मामलों में पकड़े गए हैं। ऐसे छात्रों की उम्र 13-14 से लेकर 16-18 साल तक है।

Cyber Fraud: झारखंड के जामताड़ा में साइबर ठगी के मामले घटने के बजाए लगातार बढ़ ही रहे हैं। अब स्कूली छात्र भी तेजी से इसे अंजाम देने लगे हैं। जामताड़ा के आठवीं और दसवीं क्लास के दो छात्रों ने लोगों को झांसा देकर कम से कम 50 लाख रुपए की ठगी की। धनबाद जिले की साइबर पुलिस ने दोनों को टुंडी प्रखंड से गिरफ्तार किया। दोनों एक साथ मिलकर मोबाइल कॉल और अन्य ऑनलाइन हथकंडों के जरिए तीन-चार साल से ठगी की वारदात अंजाम दे रहे थे। उनके पास से पुलिस ने छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

Online fraud

जामताड़ा में साइबर फ्रॉड (फाइल फोटो)

बिजली मीटर अपग्रेड करने के नाम पर ठगी

दोनों ने बताया है कि वे बिजली मीटर अपग्रेड करने और पीएम रिलीफ फंड के नाम पर कई लोगों के अकाउंट से पैसे उड़ाए हैं। वे लोगों को कॉल कर खुद को बिजली विभाग का अफसर बताते थे और बिजली मीटर अपग्रेड कराने के नाम पर उन्हें मोबाइल एप्लीकेशन का लिंक और डिमांड भेजते थे और फिर बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा लेते थे। इसके अलावा उन्होंने पीएम रिलीफ फंड के नाम पर भी कई लोगों से ठगी की है।

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