Rajkot Gaming Zone Fire Case: राजकोट गेमिंग जोन फायर केस में एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। राजकोट अग्निकांड की जांच कर रही एसआईटी ने खुलासा किया है कि अवैध निर्माण को वैध करने के लिए राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में कोई आवेदन नही दिया गया था। 25 मई के दिन हुए अग्निकांड के बाद 26 मई को फर्जी दस्तावेज जुटाए गए।
राजकोट अग्निकांड में एसआईटी का बड़ा खुलासा
एसआईटी का राजकोट अग्निकांड पर बड़ा खुलासा
एसआईटी ने कोर्ट में कहा कि घटना के एक दिन बाद आरोपी अशोक सिंह और किरीट सिंह जडेजा ने फर्जी दस्तावेज जुटाए। राजकोट मनपा के ओरिजनल रजिस्टर्ड को नष्ट किया गया था। जडेजा बंधु के कहने पर रजिस्टर्ड को नष्ट किया गया। स्पेशल पीपी तुषार गोकानी ने कोर्ट में कहा कि पूर्व टाउन प्लानिंग ऑफिसर एम डी सागठिया द्वारा झूठी मिनिट्स बुक तैयार की गई। 4 मई को कोई अवैध निर्माण को वैध करने के लिए अर्जी दाखिल नहीं की गई थी।
अशोक जडेजा को पुलिस हिरासत में भेजा गया
पुलिस ने मामले में IPC की धारा 201 जोड़ने के लिए तक कोर्ट को रिपोर्ट दी है। IPC धारा 201 सबूतों को नष्ट करने पर लागू होती है। मामले में गिरफ्तार गेम जोन का आखरी पार्टनर अशोक जडेजा को भी कोर्ट ने चार दिन के पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
राजकोट अग्निकांड में 27 की मौत
पिछले महीने 'गेम जोन' में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। जिस जमीन पर गेम जोन बना था, जडेजा उसका मालिक है। वह 25 मई को गुजरात के राजकोट शहर में आग लगने के बाद से फरार था। पुलिस ने इससे पहले गेम जोन के पांच सह-मालिकों और एक प्रबंधक को गिरफ्तार किया था।
