Shraddha Walker murder case: आफताब अमीन पूनावाला ने कथित तौर पर लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉकर की जघन्य हत्या की थी। अब इस मामले में लगातार नया मोड़ आ रहा है। छतरपुर के एक जंगल में हड्डियां मिलीं, जहां कथित तौर पर श्रद्धा वॉकर की बॉडी के अवशेष फेंके गए थे। वो मानव शरीर की प्रतीत होती हैं। जिस फ्लैट में 27 वर्षीय श्रद्धा अपने साथी आफताब अमीन पूनावाला के साथ रहती थी, उस फ्लैट से खून के निशान उठाए गए हैं। इन सबूतों को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और पूनावाला के खिलाफ मुकदमा चलाने योग्य सबूत हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आफताब ने अपराध कबूल कर लिया है। हालांकि यह कबूलनामा कानून में स्वीकार्य नहीं है। ये सबूत अपराध साबित करने के लिए अपर्याप्त हो सकते हैं।
श्रद्धा वॉकर हत्या की जांच कर रही टीम के सामने कई मुश्किलें हैं।
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं ने सोमवार तक छतरपुर पहाड़ी श्मशान घाट के पीछे के स्थानों से हड्डियों के 13 टुकड़े बरामद किए। पूनावाला ने कथित तौर पर कहा कि उसने वाकर के शरीर के कुछ हिस्सों को यहां फेंक दिया था। मंगलवार को शरीर का कोई लापता अंग बरामद नहीं हुआ। हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, हमारे डॉक्टरों में से एक ने पुष्टि की कि 13 हड्डियां वास्तव में मानव के अवशेष हैं। हम इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेज रहे हैं।
फोरेंसिक टीम को कथित अपराध स्थल वाले फ्लैट की रसोई में खून के कुछ निशान देखे। नमूने उठा लिए गए और बाद में जांच के लिए ले जाया जाएगा। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक जब अधिकारी नमूने लेने के लिए फ्लैट में गए तो रेफ्रिजरेटर पूरी तरह से साफ था। रेफ्रिजरेटर से कोई सबूत एकत्र नहीं किया जा सका। जंगल में मिली हड्डियों के डीएनए नमूनों का मिलान युवती के पिता के साथ मिलान की जाएगी। लेकिन इस प्रक्रिया में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि डॉक्टर के अनुसार, हड्डियां पसलियों और पेल्विक की प्रतीत होती हैं और खून के नमूने रसोई के सिंक और संगमरमर के आसपास लकड़ी के अलमारियां से उठाए गए थे। इन्हें चार दिन पहले लिया गया लेकिन एफएसएल अधिकारी ने कहा कि प्रयोगशाला को अभी तक टेस्ट के लिए प्राप्त नहीं हुआ है। देरी का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
एफएसएल एक्सपर्ट ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार जिसे पुलिस ने अभी तक बरामद नहीं किया है। जांच दल के लिए यह साबित करना मुश्किल होगा कि श्रद्धा वॉकर को कैसे मारा गया और उसकी मौत का सही कारण क्या था। साथ ही पूनावाला को कथित हत्यारे के रूप में जोड़ना भी मुश्किल होगा, अगर हत्या का हथियार बरामद नहीं हुआ। कोर्ट FSL से सर्टिफाइड रिपोर्ट ही स्वीकार करेगा।
माना जाता है कि श्रद्धा वॉकर मई में लापता हो गई थी। पूनावाला के साथ उसके रिश्ते का विरोध करने वाले परिवार से अलग, पुलिस का कहना है कि उसे 18 मई को उसके साथी ने मार डाला था। अपनी पूछताछ के दौरान आरोपी 28 वर्षीय आफताब ने उन डिटेल को शेयर किया जिनकी अब पुष्टि करने की जरूरत होगी। जिसमें गला घोंटकर हत्या, शरीर को दर्जनों हिस्सों में बुरी तरह से काटना और अवशेषों को कैसे फेंका गया।
