उज्जैन: पुलिस ने 5 करोड़ रुपए की चोरी केस का खुलासा किया है जिससे सभी के होश उड़ गए। संभवतः देश का ये पहला मामला है जब आरोपी ने वारदात करने से पहले अपना धर्म परिवर्तन किया हो। वारदात का मास्टरमाइंड जय भावसार ने कुछ समय पहले मुस्लिम धर्म अपनाया और उसके बाद बैंकलूट की प्लानिंग की। पुलिस अब इसकी तहकीकात जेहाद के नए मॉड्यूल के एंगल से भी कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस हिंदू युवक का ब्रेनवाश कर धर्म परिवर्तन कर सोची समझी रणनीति के तहत वारदात को अंजाम तो नही दिया गया।
मौकाए वारदात पर कोई भी ताला टूटा हुआ नहीं था बल्कि सभी ताले खोले गए थे। इससे पुलिस को शंका हुई कि जरूर बैंक के अंदर का कोई व्यक्ति इस वारदात में शामिल है। FSL द्वारा फिंगरप्रिंट की जांच , साइबर टीम द्वारा वारदात के समय सक्रिय मोबाइल कि लोकेशन की जांच शुरू की गई। उसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। बैंक कर्मियों से पूछताछ की गई। जब पुलिस ने बैंक में ही काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया।
धर्म परिवर्तन कर वारदात को दिया अंजाम
कुछ दिन पहले ही जय भवसान ने अपना धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनकर जीशान नाम रख लिया था। इसके बाद चार अन्य साथी साहिल, अब्दुल्ला, अरबाज और कोहिनूर के साथ मिलकर उसने चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। पांचों आरोपी रात करीब 2:30 बजे बैंक में घुसे और 35 मिनट के भीतर वारदात को अंजाम देकर 4 किलो 700 ग्राम सोना और 8 लाख रुपए नगद लेकर फरार हो गए। जय भावसार जो कि अब मुस्लिम धर्म अपनाकर जीशान बन गया है आउटसोर्स कर्मचारी था इसलिए उसके पास बैंक की चाबियां हुआ करती थी ।
चोरी कांड का मुख्य आरोपी भावसार
इस चोरी कांड का मुख्य किरदार जय भावसार निकला। पुलिस के मुताबिक 6 माह पहले ही जय भावसार ने यूट्यूब से वीडियो देखकर अपना धर्म परिवर्तन किया। वह ऐसे लोगों के संपर्क में भी था जो धर्म परिवर्तन करवाते हैं। उसने अपना नाम जीशान रख लिया। वह कलमा और नमाज पढ़ता था और वो सभी धार्मिक गतिविधि करता था, जो मुस्लिम धर्म में की जाती है।
कुछ लापरवाहियों का हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक चोरी की इस वारदात में बैंक के बड़े अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। बैंक में जय भावसार आउटसोर्स के रूप में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था । उसके पास बैंक की चाबी होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के आला अधिकारियों ने SBI महानंदा नगर शाखा प्रबंधक पायल महेश्वरी, सेवा प्रबंधक सुरेन्द्र कुमार माधव, और कैश अधिकारी अभिनव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 12 घंटे के भीतर चोरी की इस बड़ी वारदात का खुलासा करने वाली टीम को एडीजी ने 30 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है।
