Sameer Wankhede News: ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में समीर वानखेड़े के नाम को प्रमुखता से लिया जाता है। 2022 में जब उन्होंने शाहरुख खान के बेटे को पकड़ा तो तरह तरह की बातें सामने आई। मसलन वानखेड़े वसूली गैंग चलाते हैं, वो बड़े बड़े लोगों को टारगेट करते हैं, जब उन पर आरोप लगे तो एनसीबी की तरफ से जांच कराई गई। इस मामले में सीबीआई ने भी दखल दी और अब वो मुश्किल में हैं। बताया जा रही है कि सीबीआई के एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि वानखेड़े वसूली किया करते थे। हालांकि समीर वानखेड़े इस तरह के आरोपों से इनकार करते हुए कहते हैं कि उनसे बदला लिया जा रहा है। सीबीआई की अब तक की जांच में समीर वानखेड़े के खिलाफ आपत्तिजनक तथ्य मिले हैं।सीबीआई को संदेह है कि आर्यन खान में अनियमितताएँ केवल खान परिवार और मामले के अन्य आरोपियों से जबरन वसूली का प्रयास करने के लिए की गई थी।
समीर वानखेड़े के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की है एफआईआर
बांबे हाईकोर्ट की दहलीज पर वानखेड़े
आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने 2021 में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के संबंध में कथित ₹25 करोड़ की फिरौती के मामले में शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। अपनी अपील में वानखेड़े ने कहा कि उनके खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई बदले की कार्रवाई है। दोपहर 2.30 बजे तत्काल सुनवाई की अनुमति दी गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 22 मई तक गिरफ्तारी से संरक्षण दिए जाने के बाद गुरुवार को एनसीबी के मुंबई क्षेत्र के पूर्व प्रमुख ने सीबीआई के समन में भाग नहीं लिया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 मई को वानखेड़े को और राहत के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी। दिल्ली उच्च न्यायालय में, उन्होंने एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह के खिलाफ एक क्रॉस-एफआईआर की भी मांग की।
सीबीआई ने क्या पाया
सीबीआई को आर्यन खान मामले में अब तक हुई इन अनियमितताओं के बारे में पता चला है, समीर वानखेड़े की टीम ने इन्फॉर्मेशन नोट में आखिरी समय में बदलाव किया जिसमें आखिरी पल में कई संदिग्धों के नाम हटाकर आर्यन खान और अरबाज़ खान के नाम जोड़े गए। समीर वानखेड़े की टीम ने आर्यन खान के मोबाइल फोन को जब्त करने का कोई दस्तावेज नहीं तैयार किया। मोबाइल फोन को सीज करने के बाद उसका ना कोई पंचनामा ना ही कोई सीजर मेमो बनाया गया।वानखेड़े की टीम ने कई आरोपियों के कीमती सामान बिना किसी दस्तावेज़ीकरण के जब्त किया। इनमें आरोपी नूपुर सतीजा की एप्पल वॉच की भी चोरी का आरोप शामिल है। एक और आरोपी सिद्धार्थ शाह और अरबाज के बीच के व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैट से ये साफ होने के बावजूद कि सिद्धार्थ ही ड्रग्स का पेडलर था, बावजूद उसे वानखेड़े की टीम ने जाने दिया और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। एक और आरोपी सौम्या सिंह की भी रिहाई के मामले में समझौते का आरोप।
एनसीबी की इन्फॉर्मेशन नोट में उसका नाम था और उसके बैग से रोलिंग पेपर बरामद होने के बाद भी उसे क्लीन चिट दे दी गई थी।आर्यन की गिरफ्तारी के समय की एनसीबी कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज करप्ट पाए गए। शक है कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ महत्वपूर्ण था और उसके साथ जानबूझकर छेड़खानी की गई। वानखेड़े की टीम ने आर्यन खान और अरबाज़ मर्चेंट को हिरासत में लेने के बाद एनसीबी दफ्तर तक ऑफिस कार के बजाय केपी गोसावी के निजी वाहन में लाया गया था। इसके बाद के पी गोसावी को आर्यन खान के साथ सेल्फी खींचने देना,आर्यन का ऑडियो रिकॉर्ड करना जैसे कई खामियां पाई गई जो वानखेड़े का गोसावी के जरिए पैसे उगाही का प्रयास हो सकता है।
