Sambhal Violence: संभल में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने शनिवार को हत्यारोपी वारिस को गिरफ्तार किया। यह घटना पिछले साल 24 नवंबर को हुई थी, जब जामा मस्जिद के पास हिंसक झड़पों के दौरान गोलीबारी में नईम और कैफ की जान चली गई थी। गिरफ्तार आरोपी वारिस ने शारिक साटा गैंग के उकसाने पर इस हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी से एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है।
संभल में हिंसा के दौरान हुई थी हत्या (फाइल फोटो)
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24 नवंबर को हुई थी संभल में हिंसा
संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के पास एक हिंसक घटना घटी थी। उस दिन जामा मस्जिद के पास एक सर्वे चल रहा था, जब अचानक हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर गोलीबारी भी की, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान फायरिंग में नईम और कैफ की मौत हो गई थी, जिनका नाम मोहम्मद कैफ और नईम था। इस हिंसा में कुल चार लोगों की जान गई थी, जबकि कई लोग घायल भी हुए थे।
नईम और कैफ का हत्यारोपी गिरफ्तार
इसके बाद, आक्रोशित भीड़ ने कई गाड़ियों में आग भी लगा दी थी और स्थिति को काबू पाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया था। घटना के बाद पुलिस ने 72 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच तेज कर दी थी। शनिवार को पुलिस ने वारिस नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो नईम और कैफ की हत्या मामले में मुख्य आरोपी था। वारिस खग्गू सराय का निवासी है और शारिक साटा गैंग का सक्रिय सदस्य है। उसने घटना को अंजाम देने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर हिंसा में भाग लिया था। इस घटना में भाग लेने के लिए उसे गैंग द्वारा हथियार भी मुहैया कराए गए थे।
पुलिस पर भी किया था हमला
इसके अलावा, वारिस ने पुलिस पार्टी पर भी फायरिंग की थी, जब पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। अफरा-तफरी के बीच वारिस ने अपनी गोलीबारी जारी रखी, जिससे दो लोग मारे गए। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद एक तमंचा बरामद किया और उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी है। अभी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारिस का अफरोज नाम के एक अन्य आरोपी से भी संपर्क था, जो पहले गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
