Pune Murder Case: पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 25 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत अब एक खौफनाक हत्या साबित हो रही है। इसे वारदात को शुरू में आकस्मिक गिरने का परिणाम माना जा रहा था। हत्या का आरोप उसकी मंगेतर और प्रेमी पर लग रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने घाटी में धक्का देकर गिरा दिया था।
पुणे लोहागढ़ किले में हत्या की साजिश (AI Image)
सिया और चेतन ने रची साजिश
इंडिया टुडे के मुताबिक, पुलिस का यह भी मानना है कि 19 जून को केतन अग्रवाल की मौत वास्तव में सिया और चेतन द्वारा उनकी हत्या का दूसरा प्रयास था। इसी तरह की एक असफल योजना के पांच दिन पहले हुई थी। दोनों ही मौकों पर, दोनों उनकी मौत को एक दुर्घटना के रूप में दिखाना चाहते थे। अग्रवाल की मौत लोहागढ़ किले की घाटी में लगभग 350 फीट नीचे गिरने से हुई, जब वह अपनी मंगेतर और दोस्तों के साथ घूमने गया था। अगले महीने होने वाली अपनी शादी से पहले दोनों मंगेतर जन्मदिन मनाने के लिए किले में गए थे।
शुरुआती जांच के अनुसार, 20 साल की सिया का कथित तौर पर 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ अफेयर था। आरोप है कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, जिसे उसके परिवार ने चुना था। परिणामस्वरूप, उसने कथित तौर पर चेतन के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। वह केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानती थी।
हत्या की पहली कोशिश नाकाम
31 मई को केतन अग्रवाल और सिया गोयल लोहागढ़ किले की यात्रा पर गए। इस यात्रा के दौरान, सिया ने कथित तौर पर पहली बार केतन की हत्या की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि उसने और उसके कथित साथी चेतन ने बाद में इसे अंजाम देने का एक और प्रयास किया। 14 जून को वे कथित तौर पर केतन को लोहागढ़ ले गए और सांप के हमले का डर दिखाकर उसे घाटी में धकेलने की कोशिश की। हालांकि, केतन को कुछ भी संदेह नहीं हुआ, और कथित तौर पर यह प्रयास विफल रहा।
बाद में सिया ने कथित तौर पर 19 जून को लोहागढ़ की एक और यात्रा की योजना बनाई। इस टूर के दौरान, चेतन चौधरी को कथित तौर पर पीछे से बुलाया गया और केतन अग्रवाल को किले से धक्का दे दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उनकी जांच से यह निष्कर्ष निकला है कि यह घटना एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। केतन अग्रवाल के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि शादी से पहले दंपति को बाली जाना था।
पासपोर्ट खो जाने का बहाना बनाया
हालांकि, बाली यात्रा की सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाने के बाद, सिया ने कथित तौर पर यात्रा के दौरान केतन को बताया कि उसका पासपोर्ट खो गया है, जिसके कारण उन्हें यात्रा रद्द करनी पड़ी। परिवार के एक सदस्य ने आगे बताया कि केतन ने महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में सिया के जन्मदिन का जश्न मनाने की योजना बनाई थी और इस कार्यक्रम के लिए लगभग 40 कमरे बुक किए थे।
इससे पहले, सिया ने लोहागढ़ में प्री-वेडिंग फोटोशूट की योजना बनाई थी। परिवार ने कहा कि उन्हें यह जानकर गहरा सदमा लगा कि केतन की मौत आकस्मिक नहीं बल्कि कथित तौर पर हत्या थी। पुलिस के अनुसार, सिया ने कथित तौर पर नाश्ते के लिए रुके एक होटल के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया, जिसके कारण बाली की यात्रा रद्द करनी पड़ी।
डिजिटल सबूतों से संदेह पैदा हुआ
पुलिस ने बताया कि अग्रवाल की मंगेतर द्वारा पूछताछ के दौरान कुछ जानकारी छिपाने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने बाद में उसके मोबाइल फोन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधि और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की। यह घटना दोनों की शादी की तारीख से कुछ समय पहले हुई थी। 19 जून को सिया का जन्मदिन था, और केतन अग्रवाल ने उनकी शादी से पहले एक विशेष सेलिब्रेशन के रूप में इस टूर का इंतजाम किया था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल का परिवार जयपुर में एक भव्य शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, जिसमें एक महल बुक करना और मेहमानों के लिए व्यवस्था करना शामिल था। जब घटना पहली बार सामने आई, तो पुलिस का मानना था कि केतन अग्रवाल घाटी के किनारे तस्वीरें लेते समय अपना संतुलन खो बैठे थे। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं, और शुरू में इस मामले को आकस्मिक मौत माना गया। हालांकि, जांचकर्ताओं ने कहा कि बाद के निष्कर्षों से उन्हें साजिश का संदेह हुआ, जिसके चलते उन्होंने इस मामले को हत्या की जांच के रूप में लेना शुरू कर दिया।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सिया गोयल के परिवार को उसके प्रेम संबंधों की पूरी जानकारी थी, लेकिन यह बात उनसे छिपाई गई। विशाल अग्रवाल का आरोप है कि अगर यह जानकारी पहले दी गई होती तो यह शादी ही नहीं होती और उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिया ने पहले केतन का पासपोर्ट गायब किया था और इससे पहले भी लोहगढ़ किले पर उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पुलिस जांच का हिस्सा है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर लोणावला ग्रामीण पुलिस ने हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा ने चेतन चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब मामले में अन्य सबूत जुटाने और घटना की पूरी साजिश को खंगालने में जुटी है। इस हत्याकांड ने पूरे पुणे जिले को झकझोर कर रख दिया है। जिस युवक की कुछ दिनों बाद शादी होने वाली थी, उसकी मौत के पीछे उसकी होने वाली पत्नी और उसके प्रेमी का नाम सामने आने से हर कोई हैरान है।
(इनपुट-दिनेश वधाने)
