Bengaluru Techie Suicide Case: अपनी पत्नी और ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी करने वाले बेगंलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष ने रिश्ते और न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आत्महत्या करने से पहले राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में उन्होंने आपराधिक न्याय प्रणाली की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि पतियों से बदला लेने के लिए पत्नियों द्वारा उन पर झूठे केस दर्ज कराए जा रहे हैं। यही नहीं 24 पेज वाले अपने सुसाइड नोट में अतुल ने विस्तार से बताया है कि उनकी पत्नी और उसके परिवार वाले उत्तर प्रदेश के एक कोर्ट में कई झूठे केस दर्ज करा कर कैसे उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे।
पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर अतुल ने खुदकुशी की।
'मां-बाप और भाई से माफी भी मांगता हूं'
अपने वीडियो संदेश में अतुल ने कहा है कि 'अगर इतने सबूतों, तमाम डॉक्यूमेंट्स, मेरे बयान के बाद भी मेरे गुनहगारों को सजा नहीं मिलती है, तो मेरी अस्थियां कोर्ट के बाहर किसी गटर में बहा देना चाहिए, ताकि मैं ये जान जाऊं कि इस देश में एक निर्दोष व्यक्ति की क्या जिंदगी होती है। मैं अपने मां-बाप और भाई से माफी भी मांगता हूं, जिस उम्र में मुझे उनका सहारा बनना था, उस उम्र में मैं उन्हें छोड़कर जा रहा हूं।' अतुल ने अपने वीडियो में झकझोर देने वाली कई बातें कही हैं।
24 पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा
मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने आत्महत्या के मामले में मंगलवार को अतुल की पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करने वाले अतुल मां-बाप और भाई से माफी भी मांगता हूं। अतुल ने 24 पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों तथा उसकी पत्नी, उसके रिश्तेदार एवं उत्तर प्रदेश के एक न्यायाधीश द्वारा प्रताड़ित किए जाने का विस्तृत विवरण दिया है। पुलिस ने बताया कि सुभाष का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली जिसमें लिखा था ‘न्याय मिलना बाकी’है।
मेरे पैसों से मेरे दुश्मन मजबूत हो रहे हैं-अतुल
अतुल ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में सुभाष यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘मुझे लगता है कि आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं जो रुपये कमा रहा हूं उससे मेरे दुश्मन और मजबूत हो रहे हैं। उन्हीं रुपयों का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जा रहा है और यह चक्र यू हीं चलता रहेगा। मेरे द्वारा चुकाए गए करों से प्राप्त धन से यह न्यायालय और पुलिस व्यवस्था मुझे, मेरे परिवार को और अन्य सज्जन लोगों को परेशान करेगी।’
'अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें'
सुभाष ने मांग की कि उनकी मौत के बाद पत्नी और उसके परिवार को उनके शव के पास जाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने वीडियो में अपने परिजनों से कहा कि जब तक उनका कथित उत्पीड़न करने वालों को सजा नहीं मिल जाती तब तक वे उनकी अस्थियों का विसर्जन न करें। सुभाष ने न्याय की मांग करते हुए अपने परिजनों से आग्रह किया कि यदि उसका उत्पीड़न करने वालों को दोषी नहीं ठहराया जाता है तो वे उसकी अस्थियों को अदालत के नाले के बाहर फेंक दें।
बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सुभाष के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हमने उसकी पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।’ पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि सुभाष का अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक कलह था और उसकी पत्नी ने सुभाष के खिलाफ उत्तर प्रदेश में मामला दर्ज कराया था।
अधिकारी ने बताया कि सुभाष ने अपना सुसाइड नोट कई लोगों को ईमेल के जरिए भेजा तथा उसे एक व्हॉट्सऐप समूह पर भी साझा किया था, जिससे वह जुड़ा हुआ था। सुभाष ने सुसाइड नोट में आग्रह किया कि उसके बच्चे का लालन-पालन उसके माता-पिता को सौंपा जाए।
2019 में हुई थी शादी
सुभाष ने सुसाइड नोट में बताया कि 2019 में उसने शादी की थी और अगले साल उसका एक बेटा हुआ। सुसाइड नोट में उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के परिजन उन्हें (सुभाष) बार-बार रुपयों के लिए परेशान करते थे और लाखों रुपये मांगते थे और जब उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया तो उनकी पत्नी कथित तौर पर 2021 में बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। सुभाष ने आरोप लगाया, ‘मेरी पत्नी मेरे बच्चे को अलग रखेगी और मुझे, मेरे बुजुर्ग माता-पिता तथा मेरे भाई को परेशान करने के लिए और भी मामले दर्ज कराएगी। मैं गुजारा भत्ता के लिए उसे जो पैसे देता हूं वह उसका इस्तेमाल हमारे बच्चे के कल्याण के बजाय मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।’
