NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, आतंकी साजिश मामले में शारिक को 10 साल की सजा, जानें पूरा मामला

Mohamed Shariq ISIS Case: बेंगलुरु की NIA अदालत ने मोहम्मद शारिक को ISIS की विचारधारा फैलाने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में 10 साल की सजा सुनाई है।

Mohamed Shariq ISIS Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े एक बड़े मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। बेंगलुरु की विशेष NIA अदालत ने मोहम्मद शारिक (Mohamed Shariq) नाम के आरोपी को 10 साल की कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 92 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, शारिक पर आरोप था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (Islamic State) की विचारधारा फैलाने और उसके लिए पैसे जुटाने में शामिल था। यह मामला काफी समय से जांच के दायरे में था और अब अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए फैसला सुनाया है।

Mohamed Shariq ISIS case

आतंक शारिक की विचारधारा फैलाने और फंडिंग का आरोप साबित

भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की रची थी साजिश

NIA की जांच में सामने आया कि शारिक को इस संगठन की विचारधारा से जोड़ने में उसके साथी अराफात अली की बड़ी भूमिका थी। अराफात अली पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में सजा काट रहा है। जांच में यह भी पता चला कि शारिक ने अपने कुछ साथियों और विदेश में बैठे एक हैंडलर के साथ मिलकर भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की साजिश रची थी। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि नवंबर 2022 (Mangaluru blast case 2022) में शारिक एक ऑटो रिक्शा में प्रेशर कुकर में बना IED लेकर जा रहा था। उसका इरादा इसे एक मंदिर के पास लगाने का था, लेकिन यह रास्ते में ही फट गया। इस धमाके में वह खुद भी घायल हो गया था और एक अन्य व्यक्ति को भी चोट आई थी।

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